भोपाल

जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने भोपाल में कार्यशाला, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने भोपाल में कार्यशाला, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

PGS-India वेब पोर्टल के प्रभावी संचालन पर हुआ मंथन; विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती को मिट्टी की उर्वरता,

मानव स्वास्थ्य और किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए बताया महत्वपूर्ण।

भोपाल, नवंबर 04: राजधानी में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में PGS-India वेब पोर्टल के प्रभावी संचालन और क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश तीर्थ-स्थान एवं मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष विनोद गोंटिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। क्षेत्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र, नागपुर के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अजय सिंह राजपूत ने पोर्टल की प्रक्रिया और उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य को लाभ मिलेगा।

साथ ही किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उद्यमी बनाने के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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बाईट:- डॉ अजय सिंह क्षेत्रीय निदेशक जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र, नागपुर

बाईट: गुलाबसिंग मेवाड़ा किसान

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।