जाजमऊ पुल मरम्मत से यात्रियों की बढ़ी परेशानी:कानपुर-लखनऊ के बीच हर घंटे मेमो ट्रेन चलाने की मांग, 2026 तक रहेगा डायवर्जन
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →उन्नाव में जाजमऊ के पुराने गंगा पुल पर मरम्मत का काम चल रहा है। इस वजह से रोडवेज बसों का रूट बदल दिया गया है। इससे उन्नाव से कानपुर आने-जाने वाले रोज के यात्रियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बसों का रास्ता बदलने से कर्मचारी, छात्र, मजदूर और व्यापारी समय पर अपने दफ्तर, कॉलेज और काम पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
इस समस्या को देखते हुए जिला दैनिक यात्री संघ ने रेल मंत्रालय से मांग की है। उन्होंने लखनऊ-कानपुर के बीच हर घंटे मेमो पैसेंजर ट्रेन चलाने की बात कही है। जिला दैनिक यात्री संघ उन्नाव के जिलाध्यक्ष मुर्तजा हैदर रिजवी ने बताया कि जाजमऊ पुल पर मरम्मत का काम 13 दिसंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान रोडवेज बसों का रूट बदला रहेगा।
इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है, जो रोडवेज बसों में एमएसटी (मंथली सीजन टिकट) से रोज यात्रा करते हैं। रूट बदलने से बसों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को कानपुर पहुंचने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है। रिजवी ने बताया कि कोरोना के बाद रेलवे की कई मेमो ट्रेनें बंद हो गई थीं।
इसके बाद उन्नाव के यात्री कानपुर और लखनऊ जाने के लिए रोडवेज बसों और एमएसटी का इस्तेमाल करने लगे थे। अब जाजमऊ पुल की मरम्मत के कारण बसों का रूट बदलने से इन यात्रियों के सामने आने-जाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। मुर्तजा हैदर रिजवी के अनुसार, हर दिन बड़ी संख्या में कर्मचारी, छात्र, मजदूर, व्यापारी और दूसरे लोग उन्नाव से कानपुर जाते हैं।
समय पर अपनी जगह न पहुंच पाने से उन्हें दिक्कत हो रही है। कई यात्रियों को ज्यादा समय लगने के साथ-साथ पैसों का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। दैनिक यात्री संघ ने रेल प्रशासन और रेल मंत्रालय से अपील की है। उन्होंने मांग की है कि 13 दिसंबर 2026 तक लखनऊ से कानपुर के बीच हर एक घंटे पर विशेष मेमो पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाएं।
इससे उन्नाव और आसपास के इलाकों के रोज के यात्रियों को राहत मिलेगी। वे समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच पाएंगे।
📡 स्रोत: NewsData.io