जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने किया महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल
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जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भूजल संसाधन आंकलन के अनुसार प्रदेश का अब कोई भी विकासखंड भूजल दोहन की ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में नहीं है। वर्ष दो हजार बीस में नौ विकासखंड इस श्रेणी में थे, जबकि वर्ष दो हजार पच्चीस में इनकी संख्या पांच थी। इस आंकलन में बारह विकासखंडों की भूजल स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है, जबकि किसी भी विकासखंड की स्थिति खराब नहीं हुई।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। सरकार ने 2025 के भूजल संसाधन आंकलन के अनुसार बताया कि अब कोई भी विकासखंड भूजल दोहन के ‘क्रिटिकल’ वर्ग में नहीं है, जबकि 2020 में नौ ऐसे खंड थे। इस वर्ष पाँच ही खंड इस श्रेणी में आए और बारह खंडों की स्थिति में सुधार हुआ। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सतत जल प्रबंधन और संरक्षण योजनाएँ सफल रही हैं। इससे आम जनता को पानी की उपलब्धता में स्थिरता मिलेगी, कृषि और घरेलू उपयोग के लिये जल संकट घटेगा, तथा आर्थिक विकास को भी बल मिले