जलाशय से समृद्धि तक का सफर, 54 केजो ने बदली मछुआ समिति की तस्वीर, मत्स्य पालन से 30-40 टन उत्पादन, 50 लाख तक पहुंची आय....

रायपुर: कभी केवल पानी के स्रोत के रूप में पहचाना जाने वाला ग्राम शंकरगढ़ का 10.70 हेक्टेयर जलाशय आज ग्रामीण आजीविका, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। यह कहानी है ब्लू-लाईन मछुआ सहकारी समिति मर्यादित, मनेन्द्रगढ़ की, जिसने पारंपरिक मत्स्य पालन से आगे बढ़कर आधुनिक केज कल्चर तकनीक को अपनाया और ...
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