जलेबी समझने की भूल न करें, गाजीपुर की इस इमरती का स्वाद और बनाने का तरीका है बिल्कुल अलग

गाजीपुर के महुआ बाग चौराहे पर एक पुरानी दुकान आज भी पारंपरिक इमरती के स्वाद को जिंदा रखे हुए है. सनी पाल की यह दुकान तीन पीढ़ियों से चल रही है, जहां उड़द दाल के बैटर से हाथों से इमरती तैयार की जाती है. महज 25 रुपए में मिलने वाली इस सुनहरी इमरती के रोजाना 150 से 200 पीस तक बिक जाते हैं.
📡 स्रोत: News18 Hindi