जलीय जीव और पक्षी बताएंगे सोंग नदी की सेहत, 36 स्थानों पर होगा सर्वेक्षण
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पूर्वी दून घाटी की प्रमुख नदी सोंग के पारिस्थितिक स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी के तहत जैव संकेतक परियोजना शुरू की गई है।
05 नवम्बर 2026, देहरादून: पूर्वी दून घाटी की प्रमुख नदी सोंग के पारिस्थितिक स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी के तहत जैव संकेतक परियोजना शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य जल की गुणवत्ता, नदी किनारे के आवास और इंसानी दबावों के प्रभाव का जैव संकेतकों के जरिए त्वरित मूल्यांकन करना है।
भारतीय वन्यजीव संस्थान के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वी.पी. उनियाल के मार्गदर्शन में होने वाले इस अध्ययन में जलीय जीवों, तितलियों, मधुमक्खियों, ड्रैगन फ्लाई और पक्षियों की प्रजातियों के आधार पर नदी की सेहत और जल गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा। करीब 80 किलोमीटर लंबी सोंग नदी के उद्गम से गंगा संगम तक 36 स्थानों पर दो अलग-अलग मौसमों में सर्वेक्षण किया जाएगा।
छह महीने की इस परियोजना से नदी का व्यापक जैविक आंकड़ा तैयार होगा। इससे प्रस्तावित सोंग बांध, खनन और शहरीकरण के नदी पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन करने और उसके संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।