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जम्मू कैंटोनमेंट बोर्ड का अनोखा वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जम्मू कैंटोनमेंट बोर्ड का अनोखा वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल

अक्टूबर 08, नई दिल्ली: जम्मू कैंटोनमेंट बोर्ड ने कचरे को संसाधन में बदलकर आय अर्जित करने का मॉडल तैयार किया है।

बोर्ड के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के तहत घरों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र कर मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) में लाया जाता है।

गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जाती है, जिसे पैकेट में भरकर बेचा जाता है।

सूखे कचरे को 12 से 15 श्रेणियों में अलग किया जाता है और रिसाइक्लिंग के लिए बाजार में बेचा जाता है।

जम्मू कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ डॉ. नितीश गुप्ता ने बताया कि पहले यही कचरा शहर में गंदगी बढ़ाने का कारण बनता था।

उन्होंने कहा कि अब इसी कचरे को संसाधन में बदलकर लाखों रुपये की आय अर्जित की जा रही है।

(कैप्शन- जम्मू कैंटोनमेंट बोर्ड का अनोखा वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

जम्मू कैंटोनमेंट बोर्ड का नया वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल कचरे को संसाधन में बदलने का एक अभिनव प्रयास है। इस मॉडल में घरों से गीला और सूखा कचरा अलग‑अलग इकट्ठा कर मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी में भेजा जाता है, जहाँ गीले कचरे से जैविक खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे को 12‑15 श्रेणियों में विभाजित कर रिसाइक्लिंग की जाती है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कचरा प्रबंधन को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाती है, जिससे स्थानीय सरकार और नागरिक दोनों को आय का स्रोत मिलता है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक होगा, जैसे कचरे के स

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।