जम्मू-कश्मीर: 20 जिलों में 7,656 रोहिंग्या नागरिकों की पहचान हुई

अगस्त 18, नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में जनसांख्यिकीय बदलाव से जुड़े मामलों की जांच कर रही नावलेकर समिति के सामने प्रदेश सरकार ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी से जुड़े आंकड़े पेश किए हैं। सरकारी जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों में कुल 7,656 रोहिंग्या और 504 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई है। आंकड़ों के अनुसार, जम्मू संभाग में 6,737 रोहिंग्या और 46 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान हुई है, जबकि कश्मीर संभाग में 919 रोहिंग्या और 458 बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी की जानकारी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, म्यांमार से भारत आने वाले कई रोहिंग्या पहले हैदराबाद पहुंचे और बाद में जम्मू में आकर बस गए।जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में रोहिंग्या नागरिक वर्ष 2012 और 2017 के दौरान जम्मू पहुंचे। सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ रोहिंग्या नागरिकों के संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका जताई है। सीमा क्षेत्रों के नजदीक उनकी मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है। केंद्र सरकार ने 26 मई को नावलेकर समिति का गठन किया था। समिति को घुसपैठ और उससे जुड़े जनसांख्यिकीय बदलावों का अध्ययन कर आवश्यक उपाय सुझाने हैं और एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपनी है।
फोटो- प्रतीकात्मक तस्वीर