जम्मू-कश्मीर के जंगल में छिपा घायल आतंकी:5 जिलों में अलर्ट; 17 सितंबर के एनकाउंटर में दो मारे गए थे, एक की तलाश जारी
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जम्मू-कश्मीर में तीन दिन पहले हुए एनकाउंटर में घायल आतंकी की तलाश जारी है। सेना ने पांच जिलों कठुआ, सांबा, उधमपुर, डोडा और किश्तवाड़ जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, घायल आतंकी मजालता के जंगलों में छिपा हो सकता है। सेना ने 17 सितंबर को ‘ऑपरेशन सोहन’ चलाया था।
मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे। एक आतंकी घायल हो गया था। फोरेंसिक टीमें भागने वाले रास्ते पर मिले खून के निशान और अन्य सुरागों की भी जांच कर रही हैं। जहां आतंकी छिपा वो घना जंगल और पहाड़ी इलाका उधमपुर का मजालता इलाका घने जंगल और पहाड़ी भूभाग वाला है।
सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कुछ दिनों से ब्रेटल-खुब्बन बेल्ट और आसपास के जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसके बाद इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई थी। 16 सितंबर की देर रात संदिग्ध लोगों की आवाजाही की सूचना मिलने पर सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के SOG ने इलाके की घेराबंदी की और तलाशी शुरू की।
इस दौरान आतंकियों की ओर से फायरिंग होने पर सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। 15 सितंबर: राजौरी में 3 OGW गिरफ्तार हुए थे इससे पहले 15 सितंबर को राजौरी पुलिस ने पीर पंजाल इलाके में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क का खुलासा किया था। मामले में जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में तीनों पर आतंकियों को लॉजिस्टिक मदद, सुरक्षित रास्ता और दूसरी जमीनी सहायता देने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि वे आतंकियों के गाइड के तौर पर भी काम करते थे और उन्हें कश्मीर घाटी की ओर जाने में मदद करते थे। 9 सितंबर: डोडा में आतंकी का सड़ा शव मिला था डोडा में 9 सितंबर को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी का सड़ा हुआ शव मिला था।
SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान शव बरामद किया। उसके पास से नाइट विजन क्षमता वाली M4 राइफल भी मिली है। पुलिस के मुताबिक, आतंकी को 6 सितंबर को सेओजधार के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में मारा गया था, लेकिन दुर्गम इलाके के कारण उसका शव बाद में बरामद हुआ।
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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
जम्मू-कश्मीर के जंगलों में छिपे घायल आतंकवादी की खोज जारी है, जो 17 सितंबर को हुए एनकाउंटर में दो जिहादी मारे जाने के बाद शुरू हुई। यह घटना क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को दर्शाती है, जहाँ सेना ने पाँच जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि आतंकवादी नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और उनके छिपने के स्थानों की पहचान करना कठिन है। आम जनता पर इसका असर मनोवैज्ञानिक और आर्थिक दोनों हो सकता है: सुरक्षा में वृद्धि से लोगों की चिंता कम हो सकती है, परन्तु क्षेत्रीय विकास पर भ
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