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जम्मू-कश्मीर- पाकिस्तानी आतंकी का शव मिला, M4 राइफल भी बरामद:7 दिन पहले एनकाउंटर हुआ था; लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जम्मू-कश्मीर- पाकिस्तानी आतंकी का शव मिला, M4 राइफल भी बरामद:7 दिन पहले एनकाउंटर हुआ था; लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में 7 दिन पहले ऑपरेशन अशदर के दौरान मारे गए पाकिस्तानी आतंकी का शव सुरक्षाबलों ने बरामद किया है। आतंकी की पहचान यासिर के रूप में हुई है। वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा पाकिस्तानी नागरिक था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आतंकी के अवशेष बरामद किए।

इस दौरान नाइट विजन क्षमता वाली M4 राइफल भी बरामद हुई है। पुलिस ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान मारे गए पाकिस्तानी आतंकी को भागने के बाद भी सुरक्षा बलों ने ढूंढ निकाला। 5 सितंबर को हुई थी आतंकी की पहचान सुरक्षा बलों ने 5 सितंबर को ऑपरेशन अशदर में मारे गए आतंकी की पहचान यासिर के तौर पर की थी।

अधिकारियों के मुताबिक, यासिर पाकिस्तान का रहने वाला था और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। सुरक्षा बलों ने उस समय भी आतंकियों और उनके मददगारों को कड़ा संदेश देते हुए कहा था कि वे कहीं भी छिपने की कोशिश करें, सुरक्षा एजेंसियां उन्हें तलाश लेंगी। 4 सितंबर को बडगाम के अशदर गली इलाके में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था।

भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स के मुताबिक, तलाशी के दौरान जवानों को कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। सुरक्षा बलों ने जब संदिग्धों को चुनौती दी तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया था। मौके से एक AK राइफल और अन्य युद्ध संबंधी सामान भी बरामद किया गया था।

स्थानीय नेटवर्क की भी जांच सुरक्षा एजेंसियां अब मारे गए पाकिस्तानी आतंकी यासिर के स्थानीय संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह जम्मू-कश्मीर में किन लोगों के संपर्क में था और उसे स्थानीय स्तर पर किस तरह की मदद मिल रही थी।

ऑपरेशन अशदर को जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे इंटेलिजेंस आधारित संयुक्त अभियानों का हिस्सा बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, विदेशी आतंकी का मारा जाना घाटी में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है।

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में 7 दिन पहले ऑपरेशन अशदर के दौरान मारे गए पाकिस्तानी आतंकवादी यासिर का शव और M4 राइफल बरामद हुई। यह घटना भारत के सीमावर्ती सुरक्षा बलों की लगातार चल रही आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का हिस्सा है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह दर्शाती है कि सीमा पर सक्रिय रूप से आतंकवादी नेटवर्क को नष्ट किया जा रहा है और उनके हथियारों को कब्जे में लिया जा रहा है। आम जनता पर इसका असर मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ यह संदेश देता है कि सरकार और सुरक्षा बलों की कोशिशें फल दे रही हैं, जिससे क्षे

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