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जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में 2 आतंकी मारे गए:दोनों के पाकिस्तानी होने की आशंका; सुरक्षाबलों का ऑपरेशन कल रात से जारी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में 2 आतंकी मारे गए:दोनों के पाकिस्तानी होने की आशंका; सुरक्षाबलों का ऑपरेशन कल रात से जारी

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के मजालता इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है। अब तक दो आतंकी मारे गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के पाकिस्तानी होने और कश्मीर टाइगर्स (KT) या जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े होने की आशंका है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के SOG ने संदिग्ध लोगों की आवाजाही की सूचना मिलने के बाद बुधवार देर रात उधमपुर में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।

इस दौरान आतंकियों से सुरक्षाबलों का सामना हुआ और दोनों तरफ से फायरिंग हुई। इलाके में ऑपरेशन अभी जारी है। घने जंगल और पहाड़ी वाला इलाका है मजालता उधमपुर का मजालता घने जंगल और पहाड़ी वाला इलाका है। सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कुछ दिनों से ब्रेटल-खुब्बन बेल्ट और आसपास के जंगलों में आतंकियों की आवाजाही के इनपुट मिल रहे थे।

इसी वजह से इलाके में निगरानी और सर्च ऑपरेशन पहले से बढ़ाया गया था। बुधवार रात सुरक्षाबलों ने एहतियात के तौर पर फायरिंग की और जंगल में तलाशी शुरू की। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, आतंकियों की ओर से फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। रात में अंधेरा, घने जंगल और पहाड़ियों के कारण सर्च ऑपरेशन में दिक्कतें भी आईं।

15 सितंबर को राजौरी में 3 OGW गिरफ्तार हुए थे इससे पहले 15 सितंबर को राजौरी पुलिस ने पीर पंजाल इलाके में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क का खुलासा किया था। मामले में जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में तीनों पर आतंकियों को लॉजिस्टिक मदद, सुरक्षित रास्ता और दूसरी जमीनी सहायता देने का आरोप है।

पुलिस का कहना है कि वे आतंकियों के गाइड के तौर पर भी काम करते थे और उन्हें कश्मीर घाटी की ओर जाने में मदद करते थे। तीन दिन पहले डोडा में आतंकी का सड़ा शव मिला था एक आरोपी की निशानदेही पर IED बरामद राजौरी मामले में एक आरोपी की निशानदेही पर IED भी बरामद किया गया था। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में संकेत मिले कि यह IED एक आतंकी समूह ने सुरक्षित रखने और संभावित हमले में इस्तेमाल के लिए आरोपियों को दिया था।

पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। ------------------- ये खबर भ

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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