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जम्मू-कश्मीर: उधमपुर में दर्दनाक बस हादसा, दो की मौत और कई घायल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 21 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जम्मू-कश्मीर: उधमपुर में दर्दनाक बस हादसा, दो की मौत और कई घायल

21 अक्टूबर, नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। उधमपुर जिले के रामनगर इलाके में बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए हैं। मरने वालों में एक नाबालिग भी है। घायलों को इलाज के लिए रामनगर के उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है कि बस पचौंड से रामनगर जा रही थी तभी सुबह करीब आठ बजे गुल्ली गला के पास यह हादसा हो गया। इस घटना में बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और लोहे के मलबे में तब्दील हो गई। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और घायल यात्रियों को बसंतगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उधमपुर हादसे का संज्ञान लिया। जितेंद्र सिंह ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की। उन्होंने एक्स पर बताया कि घटनास्थल से सभी घायल लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

वीडियो कैप्शन- उधमपुर में बस हादसा

💡 पृष्ठभूमि (Background)

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सुबह हुई बस दुर्घटना में दो लोगों की मृत्यु और कई घायल हुए, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है। यह घटना ग्रामीण परिवहन सुरक्षा और सड़क अवसंरचना की खामियों को उजागर करती है। ऐसी दुर्घटनाएँ न केवल परिवारों को दुःख पहुँचाती हैं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर भी असर डालती हैं, क्योंकि परिवहन में व्यवधान से व्यापार और शिक्षा प्रभावित होती है। इसके अलावा, यह सरकार को सड़क सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की तत्परता बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकती ह

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

इस दुखद बस हादसे से यह सिखने को मिलता है कि सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है। दुर्घटना से बचाव के लिए समय पर रखरखाव, ड्राइवर की सतर्कता और यातायात नियमों का पालन ज़रूरी है। समाज को मिलकर सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पहल करनी चाहिए, जिससे ऐसी त्रासदियाँ फिर न हों। पीड़ितों के परिवार को हमारी संवेदना और साहस की प्रार्थना।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।