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जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी, पहाड़ों पर बिछी सफेद चादर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी, पहाड़ों पर बिछी सफेद चादर

Date- 15 Oct 2026, Delhi

गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। इसके साथ ही बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी और पीर पंजाल रेंज की प्रसिद्ध ‘पीर की गली’ भी बर्फ की चादर ओढ़ चुकी है। पूरे इलाके में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और सर्दियों जैसी ठंड पड़ने लगी है। डोडा में बर्फबारी और बादलों के कारण पहाड़ी क्षेत्र सफेद हो गए हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी का मौसम औपचारिक रूप से शुरू हो गया है।

उत्तरी कश्मीर की गुरेज घाटी में ताजी बर्फबारी से पूरा पहाड़ी इलाका सफेद नजर आ रहा है। मैदानी क्षेत्रों में करीब दो इंच और ऊंचाई वाले इलाकों में चार से पांच इंच बर्फ दर्ज की गई है। दावर, तुलेल, बागतोर, त्रागबल और राजदान टॉप समेत कई जगहों पर बर्फबारी हुई है, जिससे नजारा पूरी तरह बदल गया है। राजदान टॉप और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण 85 किलोमीटर लंबी बांदीपोरा-गुरेज सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है।

यात्रियों के लिए सलाह

बर्फबारी से तापमान गिरने और सड़कें फिसलन भरी होने के कारण सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम और ट्रैफिक संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। जब तक प्रशासन वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू होने की पुष्टि न करे, तब तक इस रास्ते का इस्तेमाल करने से बचें।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

जम्मू-कश्मीर के ऊँचे इलाकों में 15 अक्टूबर 2026 को सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिससे डोडा, बांदीपोरा और पीर पंजाल रेंज पर सफेद चादर ओढ़ गई। यह घटना क्षेत्र के जलवायु परिवर्तन के संकेत के रूप में महत्वपूर्ण है, क्योंकि बर्फबारी से पानी की उपलब्धता, कृषि और पर्यटन पर असर पड़ता है। आम जनता के लिए यह बर्फबारी यात्रा में असुविधा, सड़क जाम और बिजली कटौती का कारण बन सकती है, परन्तु साथ ही यह पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचा सकती है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।