अपराध

जमुई छेड़खानी कांड-दहशत के एक घंटे; VIDEO:गिड़गिड़ाकर छात्रा बोली- भइया जाने दीजिए, हम दोस्त हैं; आरोपियों ने प्राइवेट-पार्ट टच कर जबरन उठा लिया

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जमुई छेड़खानी कांड-दहशत के एक घंटे; VIDEO:गिड़गिड़ाकर छात्रा बोली- भइया जाने दीजिए, हम दोस्त हैं; आरोपियों ने प्राइवेट-पार्ट टच कर जबरन उठा लिया

बिहार के जमुई में छात्रा के साथ बीच सड़क पर छेड़खानी और अश्लील हरकतें की गई। उसके दोस्त के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, छात्रा के साथ आपत्तिजनक हरकत कर उसका वीडियो भी बनाया। इसके बाद इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। इस मामले में बिहार पुलिस ने तीन नाबालिग लड़कों को निरुद्ध किया है।

इसके अलावा मुख्य आरोपी समेत अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है करीब एक घंटे तक आरोपियों ने दोनों स्टूडेंट्स के साथ बदसलूकी की है। वीडियो में कुछ लड़के छात्रा के साथ अश्लील हरकत करते नजर आ रहे हैं।

किसी ने प्राइवेट पार्ट को छुआ, तो कोई गंदे तरीके से गोद में उठाता दिख रहा है। लड़की को थप्पड़ तक मारा गया है। इतना से भी आरोपियों को संतुष्टि नहीं मिली को उन्होंने लड़की को घसीटा भी...

घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। दोनों पीड़ित बच्चे 10वीं क्लास में पढ़ते हैं। शनिवार को ट्यूशन के बाद दोनों जमुई स्थित मड़वा पहाड़ी घूमने गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया और इसके बाद यह पूरा घटनाक्रम हुआ। अब सवाल ये उठता है, क्या बिहार में लड़कियां सुरक्षित हैं?

क्या दो छात्र-छात्राओं का ट्यूशन के बाद अकेले घूमने जाना कोई अपराध है? रास्ते में रोकने के बाद आरोपियों ने छात्रा और उसके दोस्त के साथ क्या-क्या किया?

करीब एक घंटे के वीडियो में आखिर ऐसा क्या हुआ कि यह मामला राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया? राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने इस पर क्या-क्या प्रतिक्रिया दी है?

इन सभी सवालों के जवाब इस रिपोर्ट में पढ़िए... 3 वीडियो में क्या-क्या हुई है बातचीत सबसे पहले, उस करीब एक घंटे के वीडियो में देखिए कि दोनों बच्चों के साथ क्या-क्या हुआ और किस तरह उन्हें वहां से निकलने के लिए संघर्ष करना पड़ा। मामला चर्चा में है। पहले वीडियो में कई युवक दोनों बच्चों को घेरकर उनसे पूछताछ करते और उन्हें जाने से रोकते दिखाई दे रहे हैं।

इस दौरान दोनों बच्चे लगातार आरोपियों से उन्हें छोड़ने की गुहार लगाते रहे। वीडियो की शुरुआत में कुछ लड़के स्टूडेंट्स को रोकते हुए पूछते है- 'बाइक रोको, कहां जा रहे हो?' इसपर छात्र जवाब देता है- 'भइया, घर जा रहे हैं। आपलोग रास्ता क्यों रोक रहे हैं?' इसके बाद आरोपी छात्रा की ओर इशारा करते हुए पूछता है- 'ये लड़की कौन है?

क्या नाम है?' छात्रा अपना नाम बताती है और कहती है- 'हमलोग दोस्त हैं।' इस पर आरोपी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दोनों के रिश्ते को लेकर सवाल करने लगता है। वह उनसे पूछता है कि वे कहां रहते हैं और उनके माता-पिता का नाम क्या है?

छात्रा इस दौरान बार-बार कहती है- 'भइया, प्लीज हमलोगों को जाने दीजिए।' 'पहले परिवार को फोन करो, फिर जाने देंगे' वीडियो में आरोपी लड़के छात्र से कहते हैं कि पहले अपने परिवार को फोन करो और उनसे हमारी बात करवाओ। इसके बाद ही तुमलोगों को जाने देंगे। छात्रा फिर कहती है- 'भइया, प्लीज जाने दीजिए।

हमलोग दोस्त हैं। हमलोग ट्यूशन के बाद पहाड़ी पर घूमने आए थे।' इसी दौरान एक युवक छात्रा के कंधे से बैग ले लेता है और पूछता है- 'इसमें क्या है?' छात्रा जवाब देती है- 'कॉपी-किताब है, आपलोग देख लीजिए।' आरोपी लड़के बैग को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी भी करते हैं। इसके बाद वहां मौजूद कुछ युवक हंसते दिखाई दे रहे है।

छात्रा रोती हुई उन्हें छोड़ने की गुहार लगाती रहती है। इसके बाद वीडियो में छात्रा के साथ आरोपी आपत्तिजनक व्यवहार करते दिखाई दे रहे है। एक आरोपी लड़की के शरीर को टच करने लगता है। इससे डरकर छात्रा अपने दोस्त के पीछे छिप जाती है। छात्र उसे बचाने की कोशिश करते हुए कहता है- 'भइया, हमलोग कुछ गलती नहीं किए हैं।

हमें प्लीज जाने दीजिए।' छात्रा भी कहती है- 'हमलोग बच्चे हैं। आखिरी बार आए हैं। इसके बाद यहां कभी घूमने नहीं आएंगे। हमें जाने दीजिए।' इस दौरान कुछ आरोपी लड़के उन्हें जाने देने की बात कहते हैं और कहते हैं कि आगे से इस तरफ दिखाई नहीं देना। स्कूटी आगे बढ़ाई...आरोपियों ने फिर रोक लिया दोनों बच्चे स्कूटी लेकर वहां से निकलने लगते हैं।

तभी पीछे से कुछ अन्य युवक उन्हें रोकते हुए कहते हैं कि ऐसे कैसे जाने देंगे?

ये दोनों यहां से कहीं नहीं जाएंगे। कुछ युवक स्कूटी को अपनी ओर खींच लेते हैं। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ अन्य युवक उन्हें छोड़ने की बात कहते सुनाई देते हैं। वीडियो में एक युवक कहता है कि 'जाने दो, माफी मांग ली है, अब इस बात को खत्म करो।' लेकिन इसके बावजूद दोनों बच्चों को वहां से जाने नहीं दिया जाता।

इसके बाद कुछ आरोपी कहते हैं- 'तुम लोग यहां से नहीं जा पाओगे।' 'पहाड़ी पर गए थे तो फोटो दिखाओ' इसके बाद आरोपियों ने दोनों से पहाड़ी की ओर जाने के दौरान खींची गई तस्वीरें दिखाने को कहा। छात्र और छात्रा कहते हैं कि उन्होंने कोई फोटो नहीं खींची है। दोनों बताते हैं कि मौसम अच्छा था, इसलिए ट्यूशन के बाद घूमने आए थे।

इसके बाद आरोपियों ने छात्र का मोबाइल ले लिया। छात्र मोबाइल वापस लेने की कोशिश करता है और कहता है कि मैं तस्वीरें दिखा देता हूं। इसके बाद लड़का फोन की गैलरी खोलकर तस्वीरें दिखाने लगता है। वीडियो में दिखाई देने वाली तस्वीरों में कोई आपत्तिजनक तस्वीर नजर नहीं आती है। स्कूटी से गिराया, जंगल की ओर ले जाने की कोशिश तस्वीरें दिखाने के बाद भी आरोपी दोनों को जाने नहीं देता।

वीडियो में कुछ युवक दोनों को स्कूटी से नीचे गिराते दिखाई देते हैं। इसके बाद आरोपियों की ओर से छात्र को पकड़कर सड़क से दूर ले जाने की कोशिश की जाती है। छात्र अपनी दोस्त का हाथ पकड़े रहता है। इसी वजह से छात्रा भी उसके साथ खिंचती हुई आगे बढ़ती है। दोनों बच्चे किसी तरह जोर लगाकर आरोपियों के चंगुल से निकलते हैं और सड़क की तरफ भागने लगते हैं।

वीडियो में घटनास्थल के आसपास कई कार और बाइक खड़ी दिखाई देती है। दोनों बच्चे बचने के लिए सड़क की तरफ भागते हैं। छात्रा आगे दौड़ रही है और छात्र उसके पीछे-पीछे आता दिखाई देता है। दोनों एक कार के पास से भी गुजरते हैं। वीडियो में आसपास कई लोग और गाड़ियां नजर आ रही है। बच्चे लगातार भागते हुए मदद की कोशिश करते दिखाई देते हैं।

गमछा बांधे युवक ने छात्रा के प्राइवेट पार्ट पर हमला किया भागने के दौरान एक युवक, जिसने चेहरे पर गमछा बांधा हुआ था, छात्रा का पीछा करता है और उसे पीछे से पकड़ लेता है। वीडियो में आरोपी छात्रा के साथ जबरदस्ती करता दिखाई देता है। पहले आरोपी ने छात्रा को पीछे से पकड़ा, इसके बाद वो उसके पाइवेट पार्ट पर हाथ रखते हुए गोद में ले लेता है।

ये नजारा देखकर छात्र तुरंत अपनी दोस्त को बचाने के लिए वहां पहुंचता है और उसे आरोपी के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश करता है। दोनों के बीच खींचतान होती है। छात्र किसी तरह अपनी दोस्त को छुड़ा लेता है। इसके बाद भी आरोपी दोनों को परेशान करने और रोकने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। दोनों बच्चे लगातार वहां से निकलने की कोशिश करते रहते हैं।

करीब एक घंटे तक परेशान करने का आरोप वीडियो के अलग-अलग हिस्सों में दोनों बच्चों को लगातार रोके जाने, उनसे पूछताछ करने, सामान और मोबाइल की जांच करने और उन्हें जाने से रोकने की घटनाएं दिखाई देती हैं। आरोपियों ने दोनों नाबालिगों को काफी देर तक परेशान किया। बाद में एक-दो राहगीर बच्चों की मदद के लिए आगे आए।

उनके हस्तक्षेप के बाद दोनों को वहां से निकलने का मौका मिला। पूरे घटनाक्रम में दोनों बच्चे आरोपियों से बार-बार उन्हें छोड़ने की अपील करते दिखाई देते हैं। जमुई छेड़खानी मामले में बिहार पुलिस का सख्त एक्शन एडीजी (विधि-व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि छेड़खानी मामले में तीन नाबालिगों को पकड़ा गया है।

दो अन्य युवक की पहचान हुई है, जिनकी तलाश जारी है। पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के लिए एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एसआइटी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे वीडियो को टेकडाउन कराया गया है। आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने को लेकर दो दर्जन से अधिक लोगों, ट्विटर हैंडलर, फेसबुक और इंस्टाग्राम को चिन्हित किया गया है।

वीडियो प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ भी POSCO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होगा। अब चलिए घटनास्थल पर...

दैनिक भास्कर की टीम जमुई जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर उस रास्ते पर पहुंची, जहां 19 सितंबर की शाम दो नाबालिग छात्र-छात्राओं को रोककर उनके साथ बदसलूकी की गई थी। यह वही रास्ता है, जहां से दोनों ट्यूशन के बाद मड़वा पहाड़ घूमकर वापस लौट रहे थे। घटनास्थल से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर मड़वा पहाड़ है।

दोनों छात्र-छात्रा शनिवार की शाम इसी पहाड़ी इलाके में घूमने गए थे। लौटते समय मुख्य सड़क से कुछ दूरी पहले उन्हें युवकों के एक ग्रुप ने रोक लिया। इसके बाद करीब एक घंटे तक दोनों को रोकने, पूछताछ करने और उनके साथ बदसलूकी किए जाने का घटनाक्रम सामने आया। शहर से कुछ दूर, लेकिन सुरक्षा इंतजामों का सवाल मड़वा पहाड़ जमुई शहर के आसपास का ऐसा इलाका है, जहां लोग घूमने के लिए पहुंचते हैं।

उपलब्ध रिपोर्टों में भी इसे लोकप्रिय हिल डेस्टिनेशन बताया गया है, लेकिन इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यहां आने-जाने वाले लोगों, खासकर लड़कियों और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठ रहा है। ग्राउंड पर पहुंचने के बाद इस रास्ते की सबसे बड़ी तस्वीर यह सामने आती है कि शहर की भीड़भाड़ से दूर निकलते ही सड़क का इलाका काफी सुनसान हो जाता है।

शाम के समय यहां आने-जाने वाले लोगों की संख्या भी कम हो जाती है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को परेशानी हो तो तत्काल मदद मिलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। न स्ट्रीट लाइट, न नजर रखने वाला सुरक्षा पॉइंट घटनास्थल की पड़ताल के दौरान इस पूरे रास्ते पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नजर नहीं आई। सड़क के कई हिस्से ऐसे हैं, जहां शाम ढलने के बाद रोशनी कम हो जाती है।

यही वजह है कि इस तरह के सुनसान रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मड़वा पहाड़ पर्यटन की दृष्टि से इस्तेमाल होने वाली जगह है, लेकिन यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए स्थायी पुलिस पिकेट, नियमित पुलिस गश्त या अलग से महिला सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है, यह जांच का विषय है।

घटना के वक्त आसपास से गुजर रहे थे लोग इस घटना का सबसे अहम पहलू यह भी है कि दोनों बच्चे जब आरोपियों से बचकर सड़क की तरफ भाग रहे थे, तब घटनास्थल के आसपास से गाड़ियां गुजरते दिखाई दे रही थी। वीडियो में कार और बाइक नजर आती हैं। दोनों बच्चे मदद की गुहार लगाते दिखाई देते हैं। यानी घटनास्थल पूरी तरह ऐसी जगह नहीं थी जहां किसी इंसान की पहुंच ही न हो।

इसके बावजूद बच्चों को काफी देर तक रोककर रखे जाने और उनके साथ बदसलूकी की गई। बाद में एक-दो राहगीरों के हस्तक्षेप के बाद दोनों को वहां से निकलने का मौका मिला। इस घटना के बाद सवाल सिर्फ आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि शहर के नजदीक मौजूद ऐसे पर्यटन स्थलों पर शाम के समय पुलिस की निगरानी कितनी है?

क्या नियमित पेट्रोलिंग होती है? क्या संवेदनशील जगहों की पहचान कर वहां सुरक्षा प्वाइंट बनाए गए हैं? क्या पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था है?

और अगर कोई लड़की या परिवार किसी परेशानी में फंस जाए तो उसे तत्काल मदद कैसे मिलेगी?

जमुई कांड पर नेताओं का बयानबाजी बिहार में अराजक स्थिति, छात्राएं-महिलाएं सुरक्षित नहीं इस घटना पर बिहार की सियासत गरमायी हुई है। विपक्ष नेता लगातार भाजपा और JDU को घेरने की कोशिश में लगा है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार (21 सितंबर) को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बिहार सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने घटना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। तेजस्वी यादव ने अपने X हैंडल पर लिखा- बिहार को BJP-NDA ने शर्मसार किया है। सब शर्मिंदा है। जमुई कांड पर सरकार के लोग निम्नस्तरीय बयान दे रहे हैं। जब जमुई कांड हुआ तब सम्राट चौधरी जातीय सम्मेलन कर रहे थे।

बिहार में अराजक स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। बिहार में अब कहीं भी, कभी भी, कोई भी छात्रा और महिला सुरक्षित नहीं है। गुंडे अपराधी अब दिन दहाड़े स्कूलों, कॉलेज और घरों में घुसकर अपराध कर रहे हैं। बिहार के इस हालात के अकेले जिम्मेदार PM महिलाओं को 10 हजार रुपए नगद देकर और चुनाव बाद दो लाख रुपए अपनी तरफ से देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री ऐसी घटनाओं पर मौनी बाबा बन चुके हैं।

NDA सरकार में महिलाओं, छात्रों, गरीबों और दलितों पर अत्याचार में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। बिहार का खजाना लुटाकर और महिलाओं को 2 लाख रुपए देने का लालच देकर नीतीश कुमार तो चार महीने में ही अपना झोला-झंडा उठाकर चल दिए। विधानसभा चुनाव के अंतिम 35 दिनों में बिहार के खजाने से ही एक बीमार मुख्यमंत्री से 41 हजार करोड़ रुपए बंटवाकर और तंत्र-यंत्र से विजय हासिल कर घमंड में डूबे BJP के दो शीर्ष नेता नौसिखिए हाथों में बिहार की बागडोर देकर, पता नहीं बिहार से किस जुर्म का बदला ले रहे हैं?

बिहार के इस हालात के अकेले जिम्मेवार प्रधानमंत्री जी हैं। भाजपा और उनकी पिछलग्गु पार्टियों को ऐसी घटनाओं पर शर्म भी नहीं आती। महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस ने भी घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों के साथ सड़क पर इस तरह की घटनाएं होना शर्मनाक और चिंताजनक है। सरकार को केवल बयानबाजी करने की जगह कार्रवाई करनी चाहिए। JDU के अध्यक्ष ने जमुई की घटना को बताया 'छिटपुट' बिहार जेडीयू के अध्यक्ष उमेश कुशवाहा: छिटपुट घटना घटती है तो हमलोग उस पर संवेदनशील है।

लेकिन, वो समय देखिए 2005 के पहले का, कैसा बिहार था। कोई घर से बाहर निकलता था?

किस तरह का बिहार था? क्या हालात थी? लोग किसी तरह अपनी जिंदगी को काट रहे थे?

ऐसा बिहार था। आज तो लोग कम से कम कोई घटना घटी है तो उस पर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। प्रशासन एक्शन ले रहा है। जल्द से जल्द जो घटना को अंजाम दिया है, चाहे बड़ा से बड़ा कोई कितना बड़ा कोई अपराधी क्यों न हो वो जल्दी ही पुलिस के कब्जे में आएंगे।' RJD प्रवक्ता शक्ति यादव: बिहार में कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सरेआम बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ हो रहा है। कहां है बिहार की पुलिस और बिहार की सरकार?

मंत्री सुनील कुमार: जमुई के SP ने बताया की इस घटना में 5-6 लोग शामिल थे, जिसमें 3 चिन्हित किए गए हैं बाकियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही। बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्णः ये घटना शर्मनाक है। इसके दोषियों की पहचान पुलिस कर रही है। जो भी दोषी होंगे उनपर सख्त एक्शन होगा। खेसारी लाल यादव: जमुई की इस घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।

एक बेटी के साथ ऐसी दरिंदगी देखकर खून खौल रहा है। दोषी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं होना चाहिए। मेरी सरकार और प्रशासन से स्पष्ट मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले। बेटियों की इज्जत और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

इस मामले में जमुई के सांसद लोजपा-आर नेता अरुण भारती और जमुई विधायक सह उद्योग मंत्री श्रेयशी सिंह ने सभी आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की बात कही है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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इस दुखद घटना से हमें यह सीख मिलती है कि हिंसा और अपमान कभी भी समाधान नहीं होते। समाज को चाहिए कि युवा अपनी भावनाएँ संवाद और कानूनी मार्गों से निपटें, जबकि अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमें पीड़ित के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए, शिक्षा, जागरूकता और सहमति के मूल्यों को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि ऐसे कांड फिर कभी न हों।

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