जमुई कांड पर सियासत तेज, मीसा भारती ने सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR की मांग की
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
Marking : Lead All
जमुई कांड पर सियासत तेज, मीसा भारती ने सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR की मांग की
राजद सांसद मीसा भारती ने जमुई कांड में नाबालिग की पहचान उजागर करने के आरोप को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ POCSO के तहत FIR की मांग की।
26 सितंबर , पटना (पटना , बिहार) : जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में पीड़िता की पहचान उजागर होने के आरोप को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। पाटलिपुत्र से राजद सांसद मीसा भारती ने शुक्रवार को पटना के सचिवालय थाने पहुंचकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। मीसा भारती का आरोप है कि मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर साझा किए जाने से उसकी पहचान उजागर हुई।
मीसा भारती ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि यह कृत्य पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के दायरे में आता है। उन्होंने संबंधित धाराओं के तहत मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। रिपोर्टों के अनुसार, वह करीब डेढ़ घंटे तक सचिवालय थाने में रहीं और प्राथमिकी दर्ज होने तक वहां से नहीं जाने की बात कही।
मीसा भारती ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और अपराध या कानून के उल्लंघन के आरोप में व्यक्ति के पद अथवा राजनीतिक स्थिति के आधार पर कार्रवाई में अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने बिहार में अपराध के मामलों में जाति के आधार पर भेदभाव किए जाने का भी आरोप लगाया।
दरअसल, 19 सितंबर को जमुई में कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ कथित तौर पर मारपीट और छेड़छाड़ की घटना हुई थी। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
इसी मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर परिवार के साथ तस्वीर साझा की गई, जिसे बाद में हटा दिया गया। तस्वीर को लेकर विपक्ष ने नाबालिग की पहचान उजागर होने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की।
इस बीच, सचिवालय थाने में मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात कर्मचारी सागर प्रसाद के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने से जुड़ा है और इसमें पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस की जांच जारी है। प्राथमिकी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस स्टोरी फोल्डर में :
बाइट - मीसा भारती, सांसद
Caption : राजद सांसद मीसा भारती ने जमुई कांड में नाबालिग की पहचान उजागर करने के आरोप को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ POCSO के तहत FIR की मांग की।