राजनीति

जनजातीय गौरव पखवाड़े को लेकर भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला, गांव-गांव पहुंचेगा अभियान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जनजातीय गौरव पखवाड़े को लेकर भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला, गांव-गांव पहुंचेगा अभियान

राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस को लेकर रांची में भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला, जनजातीय गौरव पखवाड़ा की दी गई जानकारी, प्रदेश भर में धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस को भव्य तरीके से मनाएगी भाजपा।

Short Headline: जनजातीय गौरव पखवाड़े को लेकर भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला, गांव-गांव पहुंचेगा अभियान

06 नवंबर, रांची: भारतीय जनता पार्टी, झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस 15 नवंबर और जनजातीय गौरव पखवाड़ा को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कार्निवल बैंक्वेट हॉल डीबडीह में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो ने किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस को व्यापक स्तर पर जनजातीय गौरव पखवाड़े के रूप में मना रही है। इसका उद्देश्य जनजातीय समाज के महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के इतिहास को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश से लेकर पंचायत स्तर तक पार्टी का हर कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों को सफल बनाने में जुटेगा। जनजातीय समाज का सम्मान, स्वाभिमान और अधिकार भाजपा की प्राथमिकता है।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड भगवान बिरसा मुंडा की जन्मभूमि और जनजातीय आंदोलनों की ऐतिहासिक धरती है। यहां के जनजातीय समाज ने देश की आजादी और जल-जंगल-जमीन की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2021 में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया गया था। यह निर्णय जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास, बलिदान और योगदान को राष्ट्रीय पहचान देने वाला ऐतिहासिक कदम है।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, तिलका मांझी, फूलो-झानो, नीलांबर-पीतांबर और जतरा टाना भगत जैसे महान नायकों के योगदान को याद करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान दिलाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय और जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों की स्थापना जैसी केंद्र सरकार की पहलों का उल्लेख किया।

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि देश की आजादी और सामाजिक परिवर्तन में जनजातीय समाज की ऐतिहासिक भूमिका को सामने लाना आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की पहचान, अस्मिता, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने गौरवशाली इतिहास को जानें और समाज के विकास में आगे आएं।

एसटी मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जनजातीय गौरव दिवस के राष्ट्रीय सह संयोजक और प्रदेश संयोजक समीर उरांव ने राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर प्रदेश में होने वाली कार्यक्रम को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव पखवाड़ा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के सम्मान, इतिहास और संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि एसटी मोर्चा के कार्यकर्ता गांव-गांव और टोला-टोला तक जाकर भगवान बिरसा मुंडा सहित सभी जनजातीय महापुरुषों के संघर्ष और बलिदान की गाथा पहुंचाएंगे। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और पारंपरिक ग्राम प्रधानों को अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।

प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय ने पखवाड़े के कार्यक्रमों की रूपरेखा रखते हुए कहा कि प्रदेश से लेकर जिला, मंडल और पंचायत स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी जिलों, मंडलों और पंचायतों के कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की और कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जनजातीय गौरव को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य करेंगे।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज को सम्मान और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस की घोषणा से जनजातीय नायकों के बलिदान को देश-दुनिया में पहचान मिली है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलते हुए विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त जनजातीय समाज का निर्माण भाजपा का संकल्प है।

कार्यशाला में सुदर्शन भगत, सुनील सोरन, गीता कोड़ा, मनोज सिंह, अमर बाउरी, रामकुमार पाहन, शिवशंकर उरांव, रोशनी खलखो, अशोक बड़ाईक, कोचे मुंडा, संजय सरदार, अनिता मुर्मू, भूषण पाट पिंगुआ, हरेकृष्ण सिंह, दिनेश उरांव, शशि भूषण सामंड, कमलेश उरांव, निर्मल बेसरा सहित कई पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, एसटी मोर्चा के जिला अध्यक्ष तथा जनजातीय गौरव दिवस के लिए गठित जिला स्तरीय समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।