जनसांख्यिकीय बदलाव पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने युवाओं को किया देशविरोधी ताकतों के खिलाफ किया जागरूक
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पद पर पहुंचने के बाद निश्चिंत होना नहीं, समर्पित सेवा ही राष्ट्र-निर्माण का आधार: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
भोपाल, 26 सितंबर 2026। शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रीवा के तत्वावधान में ‘भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव एवं लोक प्रशासन’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल शामिल हुए। इसमें देश और प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए शिक्षाविदों, प्रशासनिक विशेषज्ञों, प्राध्यापकों और शोधार्थियों ने जनसांख्यिकीय बदलाव और लोक प्रशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने प्रशासनिक जवाबदेही और निरंतर कार्यशीलता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़े पदों पर पहुंचने के बाद निश्चिंत होकर बैठने का अधिकार नहीं है। प्रशासनिक मशीनरी में शिथिलता आने पर देश के विकास की गति प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक दायित्वों का निर्वहन निरंतर सक्रियता और समर्पण के साथ किया जाना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहते हुए लगातार जनता की सेवा के लिए समर्पित रहना राष्ट्रसेवा की भावना को दर्शाता है। उन्होंने ‘तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित’ की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और युवा शक्ति का उल्लेख करते हुए उप मुख्यमंत्री ने युवाओं को भ्रमित करने वाली सूचनाओं और प्रयासों के प्रति जागरूक रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा के बीच युवाओं को भ्रमित करने के प्रयास हो सकते हैं, इसलिए उन्हें किसी भी सूचना को बिना समझे स्वीकार करने के बजाय जागरूक और विवेकशील नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से देश को सशक्त और एकजुट बनाने के साथ विकास प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
संगोष्ठी के विषय पर चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती जनसांख्यिकीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार की जाने वाली लोक नीतियां देश के भविष्य को प्रभावित करेंगी। उन्होंने उपस्थित शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से स्वास्थ्य तथा अन्य प्रशासनिक विभागों के लिए व्यावहारिक सुझाव देने का आग्रह किया, ताकि उपयोगी सुझावों को शासन की भावी नीतियों में शामिल किया जा सके।
उन्होंने छात्राओं से उच्च शिक्षा प्राप्त कर जिम्मेदार नागरिक बनने और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
संगोष्ठी के तकनीकी सत्र में देशभर से आए प्राध्यापकों, शोधार्थियों और प्रतिभागियों ने जनसांख्यिकीय लाभांश, युवा श्रमबल के प्रभावी नियोजन, स्वास्थ्य प्रशासन और लोक नीतियों में आवश्यक बदलाव जैसे समसामयिक विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. विभा श्रीवास्तव ने अध्यक्षीय भाषण दिया। उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. एम.एम. द्विवेदी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय संगोष्ठी का संचालन महाविद्यालय के संयोजक डॉ. अमरजीत कुमार सिंह ने किया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. एम.एम. द्विवेदी, प्रो. कमलाकर सिंह, डी.पी. तिवारी, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत सहित विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थी, प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
जनसांख्यिकीय बदलाव और लोक प्रशासन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने युवाओं को देशविरोधी ताकतों के खिलाफ जागरूक किया। यह विषय भारत की बदलती जनसंख्या संरचना, वृद्धावस्था, शहरी-ग्रामीण विभाजन और प्रशासनिक अनुकूलन पर केंद्रित है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शासकीय नीतियों और सामाजिक स्थिरता के लिए आधारभूत मुद्दों को उजागर करती है, तथा युवाओं को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि नागरिकों को नीतिगत बदलावों की जानकारी मिलेगी, जिससे वे