जंगल में काटी जिंदगी, अब किया सरेंडर.. सालों बाद भाई के राखी बांधेगी बहन, जानें कैसा बना था नक्सली कमांडर

तिरंगा यात्रा से पहले नक्सली कमांडर दीपक के गांव पालाघोंदी पहुंची, तब नजारा देखने लायक था. यहां पर जैसे दीपक पहुंचा, तो गांव के लोगों की भीड़ उसे देखने के लिए उमड़ पड़ी. उधर, भीड़ से बेटा संतोष भी आया और पिता दीपक के पैर छूने लगा. मेल मिलाप का समय चल ही रहा था कि भाई को देख दीपक भी भावुक हो गया.
📡 स्रोत: News18 Hindi MP