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जशपुर के 9,533 विद्यार्थियों ने दी एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग परीक्षा, अब 50 बच्चों को इसरो केंद्र और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से मुलाकात का मिलेगा मौका

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जशपुर के 9,533 विद्यार्थियों ने दी एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग परीक्षा, अब 50 बच्चों को इसरो केंद्र और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से मुलाकात का मिलेगा मौका

अंतरिक्ष संगवारी के तहत जिले में आयोजित हुई परीक्षा, 10,336 विद्यार्थियों ने कराया था पंजीयन; मिनी प्रोजेक्ट से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान प्रशिक्षण शिविर तक चयनित बच्चों को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर

जशपुरनगर। अंतरिक्ष की दुनिया को करीब से जानने और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देखने वाले जशपुर जिले के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल आगे बढ़ रही है। जिला प्रशासन और अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के एनजीओ के संयुक्त प्रयास से संचालित ‘अंतरिक्ष संगवारी’ कार्यक्रम के तहत एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग इनिशिएटिव परीक्षा आयोजित की गई।

जिले के विद्यार्थियों में इस परीक्षा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। परीक्षा के लिए कुल 10,336 विद्यार्थियों का पंजीयन किया गया था, जिनमें से 9,533 विद्यार्थियों ने 192 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा दी। इस तरह पंजीकृत विद्यार्थियों में से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने इस पहल में भागीदारी की।

इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि विद्यार्थियों को केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी और विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर देने की योजना बनाई गई है। परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों में से 200 बच्चों का चयन मिनी प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा। मिनी प्रोजेक्ट के माध्यम से चयनित 100 विद्यार्थियों को रायपुर स्थित अंतरिक्ष केंद्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद इनमें से 50 विद्यार्थियों को बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्र का भ्रमण करने और देश के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मुलाकात करने का अवसर मिलेगा।

परीक्षा के बाद चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया

एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग इनिशिएटिव के तहत विद्यार्थियों की प्रतिभा को अलग-अलग चरणों में परखने की योजना बनाई गई है। इसमें जिला प्रतिभा खोज, मिनी प्रोजेक्ट, साक्षात्कार और अंतरिक्ष विज्ञान प्रशिक्षण शिविर जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियों से परिचित कराना है।

परीक्षा के बाद चयनित विद्यार्थियों को मिनी प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा। इसके जरिए उनकी वैज्ञानिक सोच, नए विचारों और विषय के प्रति रुचि को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुसार विद्यार्थियों को आगे के प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा। रायपुर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 100 बच्चों में से 50 विद्यार्थियों को बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्र का भ्रमण कराया जाएगा। वहां उन्हें देश के अंतरिक्ष अनुसंधान और उससे जुड़ी गतिविधियों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। साथ ही अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से मुलाकात भी इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

फरवरी में जशपुर पहुंचे थे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला

‘अंतरिक्ष संगवारी’ की शुरुआत के पीछे जशपुर के विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर दिखाई देने वाली जिज्ञासा और उत्साह की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उल्लेखनीय है कि अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला 4 फरवरी 2026 को जशपुर पहुंचे थे। वे शहर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित ‘अंतरिक्ष संगवारी इंडिया इन स्पेस’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान जिलेभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थी कार्यक्रम में पहुंचे थे।

शुभांशु शुक्ला ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए अपने अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव साझा किए थे। उन्होंने बच्चों के सवालों के जवाब भी दिए और उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान को समझने तथा इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया था। उनके साथ हुए इस संवाद से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष की दुनिया के बारे में प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर मिला। विद्यार्थियों की इसी रुचि को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शुभांशु शुक्ला के एनजीओ ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर जिले में एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग इनिशिएटिव शुरू किया।

इस पहल के माध्यम से अब विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में केवल किताबी जानकारी हासिल करने के बजाय प्रोजेक्ट, प्रशिक्षण और इसरो केंद्र के भ्रमण जैसे अवसरों से जुड़ने का रास्ता मिल रहा है। चयनित विद्यार्थियों के लिए अंतरिक्ष यात्री से मुलाकात का अवसर इस अनुभव को और खास बनाएगा।

192 केंद्रों में शांतिपूर्वक संपन्न हुई परीक्षा

जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा ने बताया कि एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग इनिशिएटिव परीक्षा का आयोजन जिले के 192 केंद्रों में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। परीक्षा के लिए 10,336 विद्यार्थियों का पंजीयन किया गया था, जिनमें से 9,533 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों में से 200 बच्चों का चयन मिनी प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा।

जशपुर जिले में शुरू की गई यह पहल विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को आगे लाने का एक नया अवसर प्रदान कर रही है। अब विद्यार्थियों की निगाहें चयन प्रक्रिया पर टिकी हैं। चयनित बच्चों के लिए मिनी प्रोजेक्ट, रायपुर में प्रशिक्षण और बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्र के भ्रमण का अवसर अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया को करीब से समझने का माध्यम बनेगा।

नरेंद्र सिन्हा, जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर ने कहा: “अंतरिक्ष संगवारी के तहत एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग इनिशिएटिव परीक्षा का बुधवार को शांतिपूर्वक आयोजन किया गया। इनमें से 200 बच्चों का चयन किया जाएगा, जो मिनी प्रोजेक्ट में शामिल होंगे।”

बाइट नरेंद्र सिन्हा, जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।