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जस्टिस भुइयां के बयान से विपक्ष को मिला नया हथियार, कहा- 'CEC हुए एक्सपोज' | बड़ी बातें

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जस्टिस भुइयां के बयान से विपक्ष को मिला नया हथियार, कहा- 'CEC हुए एक्सपोज' | बड़ी बातें

सीईसी और चुनाव आयोग पर हुए एसआईआर को लेकर खुलासे के बाद से देश की सियासी राजनीति गरमाई हुई है.

इधर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां के बयान ने विपक्ष को नया हथियार दे दिया है.

जस्टिस भुइयां ने कहा है कि ऐसी कोई भी प्रक्रिया, जिसके तहत व्यापक पैमाने पर भारतीय नागरिकों को उनके वोट करने के अधिकार से दूर करती है, वो प्रक्रिया मनमानी है.

जस्टिस भुइयां के इस बयान को विपक्ष ने हाथों हाथ लिया.

टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए उनकी तारीफ करते हुए एक्स पर कहा कि रिटायरमेंट के दिन जज का हिम्मत दिखाना आसान होता है. लेकिन जब कोई मौजूदा जज सत्ता के सामने सच बोलता है, तो यह एक मिसाल होती है.

जस्टिस भुइयां की तारीफ होनी चाहिए.

वहीं कांग्रेस ने जस्टिस भुइयां की बातों का जिक्र करते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियां साफ तौर पर साबित करती हैं कि सीईसी ने संविधान की अक्षरश: और उसकी मूल भावना दोनों का उल्लंघन किया है.

जस्टिस भुइयां की टिप्पणी ने ज्ञानेश कुमार की पूरी पोल खोल दी है. अब उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. जयराम रमेश ने इससे जुड़ा एक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया है.

इधर, एसआईआर को रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन का दौर है.

दिल्ली में सीजेपी का प्रोटेस्ट जारी है, तो वहीं शिवेसना यूबीटी प्रमुख ने भी रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. इसके अलावा छात्र संगठन AISA के नेतृत्व में नेहा बोरा भी मैदान में नजर आईं.

उद्धव ठाकरे- राज ठाकरे ने मुंबई में खोला CEC के खिलाफ मोर्चा

मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने अपने नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को एक विरोध मार्च 'गर्जना मोर्चा' निकाला.

हालांकि मुंबई पुलिस ने इस मार्च के आयोजक के खिलाफ केस दर्ज किया है.

मुंबई पुलिस इस पूरे मामले पर कहा है कि रविवार को गर्जना मोर्चा बिना इजाजत के निकाला गया. इसके बाद यह मामला दर्ज किया गया.

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📡 स्रोत: ABP Live

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर का विषय भारतीय चुनाव आयोग (CEC) और चुनावों के दौरान एसआईआर (सिक्योरिटी इन्फॉर्मेशन रिक्वेस्ट) से जुड़ी खुलासे हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने आलोचना की। भुइयां ने कहा कि किसी भी ऐसी प्रक्रिया से, जो बड़े पैमाने पर नागरिकों के वोट देने के अधिकार को सीमित करती है, मनमानी है। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और लोकतंत्र की रक्षा के सवाल को उजागर करता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि चुनावी निगरानी मजबूत हो सकती है, जिससे मतदा

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