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जौनपुर रामपुरथानाध्यक्ष का कथित वायरल ऑडियो बना चर्चा का विषय, पत्रकारों से वर्जन लेने के समय को लेकर उठे सवाल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 26 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

जौनपुर रामपुर थाने की कमान संभालने के बाद थानाध्यक्ष रमेश कुमार का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल ऑडियो में थानाध्यक्ष द्वारा पत्रकार से बातचीत के दौरान कहा जा रहा है कि किसी मामले में वर्जन लेना है तो सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच ही बात की जाएगी, जबकि शाम 4 से 5 बजे के बीच किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी।

वायरल ऑडियो में कथित तौर पर थानाध्यक्ष यह भी कहते सुनाई दे रहे हैं कि यह व्यवस्था केवल रामपुर थाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के किसी भी थाने में इस समय के दौरान पुलिस अधिकारियों से बातचीत नहीं की जा सकती। ऑडियो सामने आने के बाद पत्रकारों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

दरअसल, किसी भी आपराधिक घटना या पुलिस से संबंधित मामले में पत्रकारों के लिए संबंधित अधिकारी का आधिकारिक पक्ष लेना बेहद महत्वपूर्ण होता है। पुलिस का वर्जन मिलने के बाद ही खबर को दोनों पक्षों के साथ निष्पक्ष तरीके से प्रकाशित किया जाता है।

ऐसे में वायरल ऑडियो में कथित तौर पर पत्रकारों के लिए बातचीत का समय निर्धारित किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सीएम के निर्देशों के बीच वायरल ऑडियो ने खड़े किए सवाल वहीं, वायरल ऑडियो को लेकर लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस निर्देश की भी चर्चा कर रहे हैं, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी फोन एवं सीयूजी नंबर पर जनता की समस्याओं को सुनने और उपलब्ध रहने पर जोर दिया जाता रहा है।

ऐसे में रामपुर थानाध्यक्ष का कथित ऑडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेने के लिए इस तरह समय निर्धारित करने का आधार क्या है।

रामपुर की कमान संभालने के बाद विवादों में रहने का दावा स्थानीय सूत्रों के अनुसार, थानाध्यक्ष रमेश कुमार के रामपुर थाने की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही उनकी कार्यप्रणाली को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आती रही हैं। इससे पहले वह सुरेरी थाने पर भी तैनात रह चुके हैं।

वहां भी उनके कार्यकाल को लेकर विवादों की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन पुराने मामलों और चर्चाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कथित ऑडियो के बाद जौनपुर पुलिस अधीक्षक की भूमिका पर लोगों की निगाहें टिक गई हैं।

स्थानीय लोगों और पत्रकारों का कहना है कि वायरल ऑडियो की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि ऑडियो में कही गई बातें सही पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं होती है तो वे तहसील मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। महत्वपूर्ण: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित ऑडियो की सत्यता की आर न्यूज यूपी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।

ऑडियो में लगाए गए आरोपों और बातचीत की वास्तविकता जांच का विषय है। इस संबंध में रामपुर थानाध्यक्ष अथवा जौनपुर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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