अपराध

जवाई नदी में अवैध खनन पर कमेटी की फटकार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जवाई नदी में अवैध खनन पर कमेटी की फटकार

जालौर में हाई-लेवल कमेटी ने जवाई नदी के 33 किलोमीटर क्षेत्र का निरीक्षण कर अवैध खनन की स्थिति का जायजा लिया। पचानवा और अगवरी में गहरे गड्ढे मिलने पर कमेटी ने नाराजगी जताई और अवैध खनन तत्काल रोकने के निर्देश दिए।

जालौर, 7 अक्टूबर। जवाई नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर गठित हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी ने नदी क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। सेवानिवृत्त न्यायाधीश संगीत लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी ने करीब 33 किलोमीटर क्षेत्र का दौरा कर नदी की मौजूदा स्थिति और खनन गतिविधियों का जायजा लिया।

कमेटी ने पावटा, डोड़ियाली, पचानवा, अगवरी, दयालपुरा, छिपरवाड़ा और सांकरणा क्षेत्रों में निरीक्षण किया। इस दौरान पचानवा और अगवरी में बजरी खनन से बने गहरे गड्ढे और नदी तल से बड़े पैमाने पर बजरी निकाले जाने के निशान मिले। मौके की स्थिति देखकर कमेटी ने नाराजगी जताई।

खनन प्रभावित क्षेत्रों की कमेटी की मौजूदगी में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई गई। खनिज विभाग के अधिकारियों से खनन की अनुमति, लीज क्षेत्र और नियमों से जुड़ी जानकारी ली गई। कमेटी अध्यक्ष संगीत लोढ़ा ने अवैध खनन तत्काल रोकने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने भी कमेटी के सामने बजरी खनन और परिवहन से जुड़ी शिकायतें रखीं। पचानवा के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक रवन्ने की आड़ में पूरे दिन बजरी का परिवहन किया जा रहा है। वहीं मादड़ी क्षेत्र में करीब 20 फीट तक खनन किए जाने का दावा करते हुए ग्रामीणों ने वहां भी निरीक्षण की मांग की।

कमेटी ने दयालपुरा के पास लीज क्षेत्र और सांकरणा में लीज क्षेत्र के बाहर खनन की स्थिति का भी जायजा लिया। मौके पर मिली स्थिति को दर्ज करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान प्रशासन, पुलिस, खनिज विभाग, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन और पीएचईडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कमेटी के निरीक्षण से जवाई नदी के संरक्षण और अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सख्ती के संकेत मिले हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।