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‘जय जोहार’ आदिवासी समाज के सम्मान का प्रतीक, अपमान के आरोप में पुलिस अधिकारी पर FIR दर्ज हो: जीतू पटवारी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
‘जय जोहार’ आदिवासी समाज के सम्मान का प्रतीक, अपमान के आरोप में पुलिस अधिकारी पर FIR दर्ज हो: जीतू पटवारी

आदिवासी छात्र-छात्राओं से कथित अभद्रता पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया आक्रोश, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग; कार्रवाई नहीं हुई तो कमिश्नर कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस

भोपाल, 14 अक्टूबर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर 13 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस के कथित अभद्र व्यवहार और जातिगत अपमान के आरोपों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पटवारी ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस कमिश्नर कार्यालय का घेराव करेगी।

पटवारी के मुताबिक, आदिवासी छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एक पुलिस अधिकारी पर ‘जय जोहार’ का नारा लगाने वाले प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और जातिगत आधार पर अपमानजनक व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।

‘जय जोहार’ आदिवासी अस्मिता और संस्कृति का प्रतीक

जीतू पटवारी ने कहा कि ‘जय जोहार’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता, संस्कृति और सम्मान का प्रतीक है। यह मध्य प्रदेश की पहचान और गौरव से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और कानून के अनुसार कार्रवाई हो। पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जो प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं, तथा पुलिस महानिदेशक से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह प्रदर्शनकारियों की बात सुने और उनके साथ गरिमापूर्ण व्यवहार करे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के आचरण को लेकर उठने वाली शिकायतों पर सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।

पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी आदिवासी समाज के सम्मान की रक्षा के लिए कमिश्नर कार्यालय का घेराव करेगी। जरूरत पड़ने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन भी किया जाएगा।

उन्होंने दोहराया कि आदिवासी छात्र-छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। कांग्रेस ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।