जयपुर के 10 स्कूलों में 2000 बच्चों के फिटनेस टेस्ट:स्कूलों से शुरू होगी 2036 ओलिंपिक की राह, प्रदेश में शुरू हुआ प्रतिभा खोज अभियान
भारत के 2036 ओलिंपिक लक्ष्य की तैयारी अब स्कूल स्तर से शुरू हो गई है। राजस्थान में बच्चों की शारीरिक क्षमता और खेल प्रतिभा की पहचान के लिए प्रतिभा पायलट के तहत फिटनेस परीक्षण कराए जा रहे हैं।
अभियान का उद्देश्य कम उम्र में खेल प्रतिभाओं को पहचानना, उनकी फिटनेस और प्रदर्शन की नियमित निगरानी करना तथा क्षमता के अनुसार उन्हें आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है। राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल के सचिव राजकेश मीणा ने बताया कि जयपुर में अब तक करीब 10 स्कूलों में 2000 से अधिक बच्चों का फिटनेस परीक्षण किया जा चुका है।
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर-2, जयपुर में आयोजित पायलट के दौरान दो दिन में 1117 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। यहां कुल भागीदारी 85.92 प्रतिशत रही। 5-15 साल तक के बच्चों पर जोर जयपुर के बाद यह अभियान अब सलूंबर और बांसवाड़ा में भी शुरू हो गया है।
प्रतिभा पायलट योजना में 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि खेल प्रतिभाओं की पहचान कम उम्र में की जा सके।
इसके बाद बच्चों की प्रगति को लगातार ट्रैक करते हुए उन्हें उपयुक्त खेल और प्रशिक्षण की दिशा में आगे बढ़ाने की योजना है। 2036 तक 36 खिलाड़ियों का लक्ष्य राजस्थान का लक्ष्य 2036 ओलिंपिक में प्रदेश से कम से कम 36 खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
इसके लिए स्कूलों को प्रतिभा पहचान की शुरुआती इकाई के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं भारत ने 2036 ओलिंपिक में पदक तालिका के शीर्ष-10 देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 15 अगस्त को 2036 ओलिंपिक की तैयारियों के लिए बच्चों को अभी से तैयार करने पर जोर दिया था।
इसी सोच के तहत स्कूलों में फिटनेस और प्रतिभा की पहचान को अभियान का आधार बनाया जा रहा है।
📡 स्रोत: NewsData.io