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JDU से निकाले गए अनंत सिंह का सियासी खेल खत्म?:क्या मोकामा का किला ढहेगा, CM से ललन सिंह क्यों मिले? 4 सवालों में पूरा खेल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
JDU से निकाले गए अनंत सिंह का सियासी खेल खत्म?:क्या मोकामा का किला ढहेगा, CM से ललन सिंह क्यों मिले? 4 सवालों में पूरा खेल

मोकामा विधायक अनंत सिंह को JDU ने पार्टी से निकाल दिया है। साथ ही उनकी विधायकी खत्म करने की सिफारिश की है। अनंत सिंह पर कार्रवाई के बाद इस वक्त 4 बड़े सवाल पूछे जा रहे हैं...

इन्हीं सवालों का जवाब जानेंगे; आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में...। सवाल-1ः अनंत सिंह आगे क्या करेंगे? जवाबः फिलहाल अनंत सिंह के पास 3 विकल्प हैं। 1.

खुद की पार्टी बनाकर राजनीति करें पहला ऑप्शन है कि वह खुद की पार्टी बनाकर राजनीति करें। 25 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा, ‘आगे अपनी पार्टी बनाएंगे। जनता मालिक है। जनता ही हमारी पार्टी है।’ हालांकि, सूत्रों के मुताबिक अनंत सिंह खुद की पार्टी नहीं बनाएंगे। वह इसके पक्ष में नहीं है। 2.

दूसरी पार्टी के साथ राजनीति शुरू करें नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अनंत सिंह ने ऐलान किया था कि अब हम भी अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने बेटे अभिषेक के चुनाव लड़ने की तरफ इशारा किया था। अब JDU ने उनको पार्टी से निकाल दिया है तो उनके पास किसी भी दल में शामिल होने का ऑप्शन खुल गया है। ज्यादा संभव है कि अनंत सिंह खुद किसी दल में शामिल नहीं होंगे। वह अपने बेटे को किसी भी पार्टी में शामिल करा सकते हैं। 3.

निर्दलीय चुनाव लड़कर जीते और ताकत दिखाएं अगर JDU की सिफारिश पर विधानसभा अध्यक्ष ने अनंत सिंह की विधानसभा की सदस्यता खत्म की तो मोकामा में उपचुनाव हो सकता है। ऐसे में अनंत सिंह के पास तीसरा विकल्प है कि खुद या अपने बेटे को मोकामा से निर्दलीय चुनाव लड़ाएं और जिताएं। 2015 में भी JDU ने जब मोकामा से उनको टिकट नहीं दिया था तो अनंत सिंह जेल से निर्दलीय चुनाव लड़ गए थे।

और तब JDU प्रत्याशी नीरज कुमार को हराया था। अनंत सिंह का बैकअप प्लान सूत्रों के मुताबिक, अनंत सिंह को पहले से अंदाजा था कि पार्टी कुछ कड़ा एक्शन ले सकती है। ऐसे में उन्होंने अपना बैकअप प्लान तैयार कर लिया था। उसी रणनीति के तहत उन्होंने पार्टी से निकाले जाने के तुरंत बाद सीधा हमाला बोला।

उन्होंने ऐसा करके अपने समर्थकों के बीच लड़ने वाले योद्धा का संदेश दिया। बताया जा रहा है कि अगर उपचुनाव हुआ तो वह अपने बेटे को राजनीति में लॉंच करेंगे। इस बार खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे। सवाल-2ः क्या राजनीतिक रूप से खत्म हो जाएंगे अनंत सिंह?

जवाबः राजनीतिक रूप से अनंत सिंह को ज्यादा न

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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