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जेल में अब न मैन्युअल तलाशी, न भट्ठी की मशक्कत:18 लाख के एक्स-रे बैगेज स्कैनर से चेकिंग होगी हाईटेक, बेकरी मशीन बनाएगी बिस्कुट-बंद-रस्क

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जेल में अब न मैन्युअल तलाशी, न भट्ठी की मशक्कत:18 लाख के एक्स-रे बैगेज स्कैनर से चेकिंग होगी हाईटेक, बेकरी मशीन बनाएगी बिस्कुट-बंद-रस्क

मेरठ का चौधरी चरण सिंह जिला कारागार अब पुराने तौर-तरीकों से बाहर निकलकर हाईटेक व्यवस्था की ओर कदम बढ़ा रहा है।

जेल में प्रवेश करने वाले लोगों के सामान की मैन्युअल तलाशी का झंझट खत्म होने जा रहा है तो दूसरी ओर बंदियों के हाथों तैयार होने वाले बेकरी उत्पादों का काम भी भट्ठी की मशक्कत से निकलकर आधुनिक मशीनों की रफ्तार पकड़ने लगा है।

शासन ने जिला कारागार को करीब 18 लाख रुपये कीमत का एक्स-रे बैगेज स्कैनर उपलब्ध कराया है, जबकि सांसद अरुण गोविल की निधि से करीब 20 लाख रुपये की अत्याधुनिक बेकरी मशीन मिली है। दोनों मशीनों के शुरू होने के बाद जेल की सुरक्षा से लेकर उत्पादन और बंदियों की आय तक पर सीधा असर पड़ेगा।

चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में रोजाना बड़ी संख्या में बंदियों से मिलाई करने के लिए उनके परिवार के लोग पहुंचते हैं। इसके अलावा जेल स्टाफ और अन्य लोगों को भी सामान की जांच के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जाता है। अब तक यह पूरी प्रक्रिया मैन्युअल थी। बैग और दूसरे सामान को कर्मचारी खोलकर देखते थे।

इसमें जहां काफी मैनपावर लगती थी, वहीं समय भी ज्यादा खर्च होता था। लंबे समय से जिला कारागार प्रशासन एक्स-रे बैगेज स्कैनर की मांग कर रहा था। मंगलवार को आखिरकार यह इंतजार खत्म हो गया। शासन की ओर से करीब 18 लाख रुपये कीमत की मशीन जिला कारागार को मिल गई।

दिल्ली की कंपनी ने मशीन को मुख्य प्रवेश द्वार के बायें हाथ की ओर तैयार कराए गए कैबिन में इंस्टॉल किया है। कैबिन में मशीन, कैमरा भी करेगा निगरानी मशीन लगाने के लिए करीब 10 गुना 14 फीट का कैबिन तैयार कराया गया है। इसी कैबिन में मशीन के संचालन के लिए स्टाफ मौजूद रहेगा।

फिलहाल कंपनी की ओर से मशीन के संचालन की शुरुआती ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पूरी व्यवस्था जिला कारागार प्रशासन को सौंप दी जाएगी। मिलाई के लिए आने वाला व्यक्ति जैसे ही स्कैनर के सामने पहुंचेगा, उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी होगी। यह रिकॉर्ड करीब एक महीने तक सुरक्षित रहेगा।

इसके बाद व्यक्ति का सामान मशीन में जाते ही स्क्रीन पर उसका एक्स-रे दिखाई देगा। निगरानी में तैनात कर्मचारी बिना बैग खोले ही यह देख सकेंगे कि सामान के भीतर कोई प्रतिबंधित अथवा नुकसान पहुंचाने वाली वस्तु तो नहीं है।

एयरपोर्ट और बड़े मॉल जैसी सुविधा अब जेल में जेल अधिकारियों के मुताबिक एक्स-रे बैगेज स्कैनर जैसी अत्याधुनिक मशीनें आमतौर पर हवाई अड्डों, बड़े मॉल और प्रमुख सरकारी कार्यालयों में दिखाई देती हैं। अब इसी तकनीक का इस्तेमाल जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था में होगा।

इससे एक तरफ तलाशी प्रक्रिया तेज होगी तो दूसरी ओर मैन्युअल जांच के दौरान होने वाली परेशानी भी कम होगी। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बड़ी संख्या में आने वाले मिलाई करने वालों के सामान की जांच कम समय में की जा सकेगी।

ना केवल मैटल का सामान बल्कि अगर किसी व्यक्ति के खाने में कुछ मिलाया गया है तो उसको भी कलर कोडिंग के जरिए यह मशीन दर्शा देगी। अब भट्ठी नहीं, मशीन की रफ्तार से बनेगा बेकरी सामान सुरक्षा व्यवस्था के साथ जिला कारागार ने बंदियों के लिए रोजगार और आय बढ़ाने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।

सांसद अरुण गोविल की निधि से करीब 20 लाख रुपये की अत्याधुनिक बेकरी मशीन जेल को मिली है। अब तक जिला कारागार में बेकरी का काम भट्ठी के सहारे होता था। बंदियों को इसमें काफी मेहनत करनी पड़ती थी और उत्पादन में भी समय ज्यादा लगता था। पूरी प्रक्रिया मैन्युअल होने के कारण एक सीमित मात्रा में ही सामान तैयार हो पाता था।

नई मशीन के आने के बाद यही काम कम समय और कम मेहनत में ज्यादा मात्रा में किया जा सकेगा। बंद से आगे बढ़ेगा कारोबार जिला कारागार में अभी तक मुख्य रूप से बंद तैयार किए जाते थे। अत्याधुनिक बेकरी मशीन के बाद अब उत्पादों का दायरा बढ़ाया जा सकेगा।

इसमें विभिन्न प्रकार के बिस्कुट, बंद, रस्क और अन्य बेकरी उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। इसका फायदा केवल जेल प्रशासन तक सीमित नहीं रहेगा। अधिक उत्पादन होने से बिक्री बढ़ेगी और इससे बंदियों की आय में भी इजाफा होगा।

यानी नई मशीन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ बंदियों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता भी खोल रही है। जेल की व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक एक्स-रे बैगेज स्कैनर और अत्याधुनिक बेकरी मशीन का मिलना मेरठ जिला कारागार के लिए बड़ी उपलब्धि है।

एक्स-रे स्कैनर से सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी होगी तथा सामान की जांच में लगने वाला समय और मैनपावर कम होगा। वहीं बेकरी मशीन से कम समय में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। यानी एक मशीन जेल के दरवाजे पर सुरक्षा की नई दीवार खड़ी करेगी और दूसरी जेल के भीतर बंदियों की कमाई का नया रास्ता खोलेगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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