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जेल का ताला टूट गया, भाई हमारा छूट गया:इंस्टाग्राम पर पोस्ट की जा रही रील, गोरखपुर में रिहाई का नया ट्रेंड

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जेल का ताला टूट गया, भाई हमारा छूट गया:इंस्टाग्राम पर पोस्ट की जा रही रील, गोरखपुर में रिहाई का नया ट्रेंड

जेल का ताला टूट गया, भाई हमारा छूट गया, यह नारा अब मनबढ़ों के जेल से छूटकर बाहर आने पर कारागार गेट पर ही लगता है। लक्जरी गाड़ियों से आए समर्थक बाहर फूल-माला से स्वागत करते हैं। फिर जेल के बाहर वीडियो बनाकर जश्न मनाया जाता है। इसके बाद इंस्टाग्राम पर डायलॉग वाली रील्स पोस्ट की जाती है।

यह जेल से छूटने का नया ट्रेंड तेजी से गोरखपुर में देखने को मिल रहा है। रिहाई के दौरान बंदी के बाहर निकलने से लेकर समर्थकों के स्वागत और वाहनों के काफिले तक को कैमरे में कैद किया जा रहा है। वीडियो में बैकग्राउंड म्यूजिक और संवाद जोड़कर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जाता है। लाइक और शेयर के जरिये वीडियो की पहुंच बढ़ती है।

कई मामलों में जेल से बाहर निकलने के बाद समर्थकों की भीड़ भी जुट रही है। देखिए जेल से छूटने की 2 तस्वीरें पहले चुपके से होती थी जेल से रिहाई विशेषज्ञों का कहना है कि पहले भी अपराध होते थे। इसके बाद जब कोर्ट से बेल मिलती थी। चोरी चुपके से रिहाई होती थी। डर रहता था कि पुलिस फिर से न जेल भेज दे।

यही नहीं जेल से छूटकर लोग कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलते थे। यह डर अब गायब ही हो गया है। हाल-फिलहाल की रिहाई की रील खूब हो रही वायरल सतीश प्रजापति की रिहाई पर बनी रील दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में दो छात्र गुटों के विवाद के बाद दर्ज लूट और धमकी के मामले में आरोपी छात्र नेता सतीश प्रजापति को 25 सितंबर को जमानत मिली थी।

देर शाम वह जेल से बाहर निकला। कैंट पुलिस ने सतीश को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रिहाई के बाद समर्थकों ने उसका स्वागत किया और रिहाई का वीडियो बनाया। इसे रील के रूप में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। रजत चौधरी का भी पोस्ट हुआ वीडियो भाजपा नेता और पूर्व उपसभापति बृजेश सिंह छोटू को जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी रजत चौधरी 15 सितंबर को जेल से रिहा हुआ था।

जेल से बाहर निकलते समय उसके आसपास दोस्त और परिचित मौजूद थे। रजत की रिहाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। वीडियो पर लोगों ने तेजी से लाइक और शेयर किए। पुलिस ने इसे दुराचारी घोषित करते हुए हिस्ट्रीशीटर भी बनाया है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई गोरखपुर में यह पहला मामला नहीं है।

मई 2026 में जेल से जमानत पर बाहर आए एक आरोपी के स्वागत में समर्थकों ने वाहनों के काफिले के साथ रोड शो निकाला था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने 8 युवकों को गिरफ्तार किया था। जुलाई 2024 में पेशी के दौरान कचहरी में बंदी की रील बनाने का मामला भी सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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