झाबुआ- बालिकाओं को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों एवं विभिन्न सहायता सेवाओं की दी गई जानकारी
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वन स्टॉप सेंटर झाबुआ में भ्रमण के दौरान सहायक संचालक वर्षा चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के महत्व एवं उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिवर्ष 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बालिकाओं को बाल विवाह की रोकथाम, शिक्षा के महत्व, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी अधिकारों की जानकारी देते हुए जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
वन स्टॉप सेंटर की प्रशासिका श्रीमती लीला परमार ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर आश्रय, विधिक सहायता, पुलिस सहायता, परामर्श एवं चिकित्सा सहायता जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की जानकारी देते हुए आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं का लाभ लेने के संबंध में अवगत कराया। इस दौरान बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर का भ्रमण कराकर वहां की कार्यप्रणाली एवं उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराया गया।
इसके पश्चात बालिकाओं को महिला पुलिस थाने का भ्रमण कराया गया, जहां उन्हें महिला सुरक्षा से संबंधित पुलिस की कार्यप्रणाली, ऊर्जा डेस्क एवं पुलिस परामर्श केंद्र की भूमिका तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही बालिकाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न अथवा असुरक्षा की स्थिति में संबंधित संस्थाओं से सहायता प्राप्त करने के लिए जागरूक किया गया।
इस भ्रमण का उद्देश्य बालिकाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, आत्मविश्वास विकसित करना तथा महिला सुरक्षा एवं सहायता संबंधी संस्थाओं की कार्यप्रणाली से परिचित कराना रहा।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
झाबुआ के वन‑स्टॉप सेंटर ने बालिकाओं को अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जागरूक किया, जिससे वे अपने भविष्य के लिए सशक्त बन सकें। जब किसी को घरेलू संघर्ष या अन्याय का सामना करना पड़े, तो कानूनी सहायता, हेल्पलाइन और सामाजिक सेवाओं का सहारा लें। समाज को चाहिए कि वह शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसरों के माध्यम से हर लड़की को सशक्त बनाए। इस जागरूकता से नयी पीढ़ी में सहानुभूति और न्याय की भावना जागेगी।