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झाबुआ- थांदला में टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली बीमारियों की निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने कार्यशाला आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
झाबुआ- थांदला में टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली बीमारियों की निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने कार्यशाला आयोजित

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला झाबुआ के निर्देशानुसार आयोजित कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), इंदौर के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. अभिषेक बचोतिया द्वारा स्वास्थ्य अधिकारियों एवं मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यशाला में डॉ. बचोतिया ने खसरा, रूबेला, डिप्थीरिया, काली खांसी, नवजात टिटनेस एवं पोलियो जैसी गंभीर बीमारियों के लक्षणों, संदिग्ध मामलों की पहचान, सक्रिय निगरानी तथा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार समयबद्ध रिपोर्टिंग की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सतत निगरानी रखने तथा किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी प्राप्त होने पर निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार तत्काल सूचना देने पर विशेष जोर दिया।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि संक्रामक बीमारियों की समय पर पहचान एवं त्वरित रिपोर्टिंग से संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं नियंत्रण संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है। इसके साथ ही नियमित टीकाकरण को अधिक प्रभावी बनाने, टीकाकरण से वंचित एवं छूटे हुए बच्चों की पहचान करने तथा स्वास्थ्य संस्थाओं और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के संबंध में भी चर्चा की गई।

कार्यशाला में स्वास्थ्य अमले को सर्विलांस संबंधी गतिविधियों को गंभीरता से संचालित करने तथा निर्धारित प्रपत्रों एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था का नियमित पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाकर टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली बीमारियों की निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना रहा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

झाबुआ-थांदला में टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली बीमारियों की निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. अभिषेक बचोतिया ने स्वास्थ्य अधिकारियों और फ़ील्ड कार्यकर्ताओं को खसरा, रूबेला, डिप्थीरिया, काली खांसी, नवजात टिटनेस और पोलियो जैसी बीमारियों के लक्षणों तथा रोकथाम के तरीकों पर तकनीकी प्रशिक्षण दिया। यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि टीकाकरण से इन रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है और निगरानी प्रणाली को मजबूत करने से समय पर पहचा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।