अपराध

झालावाड़ जिला परिषद में ACB ट्रैप, ₹3 हजार लेते MIS मैनेजर गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
झालावाड़ जिला परिषद में ACB ट्रैप, ₹3 हजार लेते MIS मैनेजर गिरफ्तार

झालावाड़ ACB ने जिला परिषद के संविदा MIS मैनेजर जयराम वर्मा को ₹3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप किया। अन्नपूर्णा रसोई के बिलों का भुगतान कराने की एवज में हर माह रिश्वत मांगने का आरोप, पूछताछ जारी।

झालावाड़, 5 अक्टूबर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) झालावाड़ ने जिला परिषद में संविदा पर कार्यरत MIS मैनेजर जयराम वर्मा को ₹3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप किया है। आरोपी पर श्री अन्नपूर्णा रसोई के बिलों का भुगतान करवाने और बिल पास कराने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।

झालावाड़ ACB चौकी पर अन्नपूर्णा रसोई की संचालिका ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, पुरानी तहसील बकानी में संचालित रसोई के निरीक्षण के दौरान जिला परिषद के MIS मैनेजर जयराम वर्मा ने हर माह ₹3 हजार रिश्वत की मांग की। रिश्वत नहीं देने पर रसोई का भुगतान कटवाने अथवा बिल पास नहीं करवाने की धमकी देने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया।

शिकायत के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर प्रतिदिन 10 फर्जी टोकन काटने और हर माह की 1 से 5 तारीख के बीच ₹3 हजार देने की मांग की थी। इसके बाद परिवादिया ने रिश्वत नहीं देने और आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने की इच्छा जताते हुए ACB से कार्रवाई की मांग की।

ACB टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रसोई का पूरा भुगतान करवाने की एवज में हर माह ₹3 हजार रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। साथ ही इसी माह की रिश्वत राशि भी तत्काल देने की मांग सामने आई।

रिश्वत मांग की पुष्टि होने के बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई की। पुलिस निरीक्षक साजिद खान के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए जिला परिषद झालावाड़ के संविदाकर्मी MIS मैनेजर जयराम वर्मा को ₹3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।

ACB टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

बाइट_ साजिद खान, सीआई, एसीबी झालावाड़

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

रिश्वत के जाल में फँसने से न केवल व्यक्तिगत प्रतिष्ठा धूमिल होती है, बल्कि समाज के विश्वास के ताने-बाने पर भी चोट पहुँचती है। जब कोई सार्वजनिक पद का दुरुपयोग करता है, तो उसे कानूनी मार्ग से जवाबदेह ठहराना ही उचित है। हर नागरिक को पारदर्शिता और जवाबदेही का समर्थन करना चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार के प्रति समाज में जागरूकता बढ़े और सच्ची प्रगति संभव हो सके।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।