झांसी में माता सीता को ब्याहने निकले भगवान राम:बारात में नन्दी पर सवार होकर पहुंचे भगवान शिव-पार्वती, भक्त हनुमान ने किया नृत्य
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →झांसी में भगवान राम की बरात निकली तो ऐसा लगा, मानो पूरा ब्रह्मांड ही बराती बनकर सड़कों पर उतर आया हो। कहीं डमरू की धुन पर भगवान शिव नृत्य करते नजर आए तो कहीं भूत-पिशाच और मसान की टोलियां बरात में थिरकती दिखीं। स्वर्ग की अप्सराओं से लेकर जंगल के शेर, भालू और वानर सेना तक बराती बने। बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच बरात जिस रास्ते से गुजरी, वहां लोगों की निगाहें थम गईं।
रथ पर सवार भगवान राम और लक्ष्मण की आरती उतारने के लिए भक्त उमड़ पड़े। किसी ने मिठाई बांटी तो किसी ने हाथ जोड़कर प्रार्थना की- प्रभु, सीता मैया को लेकर लौटना। मंगलवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई यह राम बरात करीब एक किलोमीटर लंबी थी। आकर्षक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने अपने अभिनय से बरात को अलौकिक स्वरूप दे दिया।
आग के करतब और भगवान शिव के तांडव की प्रस्तुति ने माहौल को और रोमांचक बना दिया। देर रात तक निकली बरात सदर बाजार स्थित रामलीला मंच पहुंची, जहां भगवान राम और माता सीता का मिलन हुआ। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई तो पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। बारात के रास्ते में उमड़े भक्त श्री रामलीला कमेटी सदर बाजार की ओर से आयोजित बरात होटल चौराहा से निकाली गई।
रथ पर भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न सवार थे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की बरात में शामिल होने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों से लोग पहुंचे। रास्ते में जगह-जगह भक्तों ने अपने आराध्य की आरती उतारी और बरातियों का स्वागत किया। बरात में शामिल कलाकारों ने अलग-अलग स्वरूप धारण कर धार्मिक प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े और डमरू की धुन पर बराती जमकर थिरके। भगवान शिव के तांडव और आग के करतबों ने लोगों का ध्यान खींचा। बरात देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे खड़े रहे। कई जगह भक्तों ने भगवान राम के दर्शन कर आशीर्वाद मांगा और बरातियों को मिठाइयां बांटी। नंदी पर सवार होकर पहुंचे शिव-पार्वती राम बरात में भगवान शिव और माता पार्वती का स्वरूप भी आकर्षण का केंद्र रहा।
दोनों नंदी पर सवार होकर बरात में शामिल हुए। हाथ में डमरू और त्रिशूल लिए भगवान शिव अपनी सवारी पर ही नृत्य करते दिखाई दिए। उनके साथ जंगल के शेर, भालू और वानर समेत विभिन्न स्वरूपों में सजे कलाकार भी बरात की शोभा बढ़ाते रहे। देवलोक की अप्सराओं से लेकर भूत-पिशाच और अघोरियों तक के स्वरूपों ने बरात को अलग पहचान दी।
कलाकारों की प्रस्तुतियों को देखने के लिए लोग रास्ते में रुक गए। डीजे और बैंड की धुन पर पूरा इलाका भक्तिमय नजर आया। राम बरात को देखने के लिए दूर-दूर से लोग सदर बाजार पहुंचे। मंदिर में हुआ स्वागत, भगवान शिव की पूजा की बरात देर रात करीब 11 बजे सदर बाजार स्थित मंदिर के सामने पहुंची। यहां रथ पर सवार भगवान राम और लक्ष्मण नीचे उतरे और मंदिर पहुंचे।
मंदिर में उनका आदर-सत्कार किया गया। इसके बाद भगवान राम ने भगवान शिव की पूजा की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेता अरविंद वशिष्ठ ने भी पहुंचकर भगवान राम और लक्ष्मण की आरती उतारी। उन्होंने दोनों को फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। वहीं, सीए दुष्यंत चतुर्वेदी ने भी राम बरात में शामिल होकर भगवान राम और लक्ष्मण की आरती उतारी तथा तिलक लगाकर उनका स्वागत किया।
102 साल से निकाली जा रही राम बरात श्री रामलीला कमेटी सदर बाजार पिछले 102 वर्षों से झांसी में नवरात्र के दौरान रामलीला का आयोजन करती आ रही है। इसी परंपरा के तहत हर साल भगवान राम की बरात निकाली जाती है। इस बार विभिन्न धार्मिक स्वरूपों में सजे कलाकारों और आकर्षक प्रस्तुतियों ने आयोजन को खास बना दिया।
बरात देर रात सदर बाजार स्थित रामलीला मंच मैदान पहुंची। यहां रामलीला के मंच पर भगवान राम और माता सीता का मिलन हुआ। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। इस दृश्य के साथ ही बरात का धार्मिक उत्सवपूर्ण समापन हुआ।
📡 स्रोत: NewsData.io