झांसी में सियासी दुश्मनी के बीच दोस्ती का हाथ:दीपनारायण के बेटे ने जवाहर राजपूत के बेटे से मिलाया हाथ, बोले ये भगवान का दरबार है
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →झांसी की गरौठा विधानसभा की राजनीति में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने सपा और भाजपा के बीच सियासी खींचतान के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। पूर्व सपा विधायक दीपनारायण सिंह यादव के बेटे दीपांकर यादव उर्फ मून ने सार्वजनिक मंच से भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत के बेटे राहुल राजपूत की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया।धार्मिक कार्यक्रम में हुए इस घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, पूर्व सपा विधायक दीपनारायण सिंह यादव और वर्तमान भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत को गरौठा की राजनीति में एक-दूसरे का धुर विरोधी माना जाता है। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता लंबे समय से चर्चा में रही है। मंगलवार को गरौठा में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में दोनों नेताओं के बेटे पहुंचे थे।
इन दिनों पार्टी की बैठक के सिलसिले में लखनऊ में होने के कारण दीपनारायण सिंह यादव खुद कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उनकी जगह उनके बेटे दीपांकर यादव उर्फ मून कार्यक्रम में पहुंचे। वहीं भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत के बेटे राहुल राजपूत भी वहां मौजूद थे। मंच से बोले- मैं आपकी तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाता हूं कार्यक्रम के दौरान दीपांकर यादव मंच पर पहुंचे और माइक से राहुल राजपूत का जिक्र किया।
उन्होंने कहा, “यहां वर्तमान विधायक के बेटे आए हुए हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि यह भगवान का दरबार है। ऐसे में मैं आपकी तरफ दोस्ती का हाथ आगे बढ़ाता हूं, लेकिन पता नहीं आप क्यों पीछे हट रहे हैं।” इसके बाद राहुल राजपूत भी मंच पर पहुंचे। दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। हालांकि हाथ मिलाने के अलावा दोनों के बीच मंच पर कोई और बातचीत नहीं हुई।
वीडियो वायरल, गरौठा की राजनीति में चर्चा धार्मिक कार्यक्रम के मंच पर दोनों नेताओं के बेटों के इस तरह हाथ मिलाने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गरौठा की राजनीति में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि इस घटनाक्रम के बाद दोनों परिवारों की राजनीतिक भूमिका या भविष्य की किसी रणनीति को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
📡 स्रोत: NewsData.io