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झुंझुनूं से फूड रियलिटी मार्च की शुरुआत, मिलावटखोरी पर सख्त कानून की मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
झुंझुनूं से फूड रियलिटी मार्च की शुरुआत, मिलावटखोरी पर सख्त कानून की मांग

झुंझुनूं से राजस्थान के जिलों में एक दिवसीय फूड रियलिटी मार्च शुरूभियान के तहत दूध, घी, पनीर, मसाले सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ कठोर कार्रवाई और प्रभावी कानून की मांग उठाई गई है। साथ ही मिलावटखोरी के मामलों में दोषियों के लिए सख्त स करने की तैयारी है। अभियान के जरिए खाद्य मिलावट पर सख्त कार्रवाई, हर जिले में जांच लैब और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग उठाई गई।

झुंझुनूं, 26 सितंबर। खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट के खिलाफ जागरूकता और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर झुंझुनूं से राजस्थान के विभिन्न जिलों में एक दिवसीय फूड रियलिटी मार्च शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अभियान संयोजक और मरूसेना फाउंडेशन के जयंत मूंड ने अभियान को लेकर जानकारी दी।

अभियान के तहत दूध, घी, पनीर, मसाले सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ कठोर कार्रवाई और प्रभावी कानून की मांग उठाई गई है। साथ ही मिलावटखोरी के मामलों में दोषियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान करने की मांग की गई।

अभियान से जुड़े लोगों ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में निःशुल्क खाद्य जांच प्रयोगशाला स्थापित करने और खाद्य सुरक्षा विभाग को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि इससे खाद्य पदार्थों की जांच को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाया जा सकेगा।

इसके अलावा पैकेज्ड फूड पर हेल्थ स्टार रेटिंग लागू करने और स्कूलों में बच्चों को ‘शुद्ध आहार’ के प्रति जागरूक करने के लिए शिक्षा देने की मांग भी उठाई गई है।

मिलावट से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग भी अभियान में शामिल है। आयोजकों के अनुसार, फूड रियलिटी मार्च के जरिए आमजन को खाद्य मिलावट के प्रति जागरूक करने और प्रशासन के स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।