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जिला मंडी में छ: उप मंडियों व एक अनाज मंडी का निर्माण किया जाएगा: संजीव गुलेरिया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जिला मंडी में छ: उप मंडियों व एक अनाज मंडी का निर्माण किया जाएगा: संजीव गुलेरिया

अगस्त 11, मंडी (हिमाचल प्रदेश): कृषि उपज मंडी समिति, मंडी द्वारा जिला में छ: उप मंडियों व एक अनाज मंडी का निर्माण किया जाएगा जिस के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। यह जानकारी आज को कृषि ऊपज मंडी समिति मंडी बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष संजीव गुलेरिया ने दी। बैठक में किसानों एवं बागवानों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा जिले में मंडी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

संजीव गुलेरिया ने बताया कि जिला मंडी में छह उप मंडियों और एक अनाज मंडी की स्थापना के लिए भूमि का चयन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उप मंडी जरलू (बल्ह) के लिए 19 बीघा भूमि का चयन किया गया है तथा निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यहां आधुनिक मंडी विकसित की जाएगी, जिसमें करीब 30 दुकानें, नीलामी मंच, शौचालय सहित अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि अनाज मंडी कांगणी के लिए 20 बीघा भूमि का चयन कर लिया गया है तथा भूमि विभाग के नाम भी कर दी गई है। इसी तरह उप मंडी चारकुफरी (करसोग) के लिए 13 बीघा सरकारी भूमि विभाग के नाम कर ली गई है। यहां 25 दुकानों, नीलामी मंच, शौचालय तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि उप मंडी बग्सयाड़ (सिराज) के लिए भी भूमि का चयन कर उसे विभाग के नाम किया जा चुका है। वहीं उप मंडी कटौला (द्रंग) के लिए करीब सात बीघा भूमि का चयन कर विभाग के नाम किया गया है। यहां जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी तथा इस वर्ष मंडी को जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रस्तावित मंडी में 12 दुकानें, नीलामी मंच, शौचालय तथा अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि उप मंडी टिक्कन (बरोट-द्रंग) के लिए 10 बीघा भूमि का चयन किया गया है। सरकार से अंतिम स्वीकृति प्राप्त होते ही यहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा उप मंडी निहरी (सुंदरनगर) के लिए करीब पांच बीघा भूमि का चयन किया गया है तथा वन संरक्षण अधिनियम के तहत आवश्यक प्रक्रिया तैयार की जा रही है।

गुलेरिया ने कहा कि इन मंडियों एवं प्रस्तावित उप मंडियों की स्थापना का उद्देश्य किसानों और बागवानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध करवाना तथा उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। मंडी समिति किसानों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को लेकर गंभीर है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दूध, हल्दी और अदरक सहित विभिन्न कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने जैसे निर्णय किसानों के हित में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि कृषि उपज मंडी समिति द्वारा जिले में छह मंडियों का संचालन किया जा रहा है।

इन मंडियों के माध्यम से किसान-बागवान अपनी नगदी फसलें लेकर पहुंचते हैं तथा नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि विनियमित मुख्य मंडी कांगणी में 47 दुकानें, एक राइपनिंग चैम्बर, छह बूथ, एक नीलामी मंच तथा किसान भवन की सुविधा उपलब्ध है।

यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान एवं बागवान अपनी नगदी फसलें लेकर पहुंचते हैं। उन्होंने ने बताया कि उप मंडी धनोटू में 50 दुकानें, 12 बूथ तथा एक नीलामी मंच उपलब्ध है। उप मंडी चैलचौक में नौ दुकानें, चार बूथ तथा एक नीलामी मंच, जबकि उप मंडी जोगिंदरनगर में 14 दुकानें, चार बूथ तथा एक नीलामी मंच उपलब्ध है।

उप मंडी टकोली में 38 दुकानें, एक बूथ, एक नीलामी मंच तथा किसान भवन की सुविधा है। वहीं उप मंडी जाछ में आठ दुकानें, एक बूथ, एक नीलामी मंच तथा किसान भवन उपलब्ध है। संजीव गुलेरिया ने बताया कि किसानों एवं बागवानों को उनके घर-द्वार के नजदीक बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जिले में नई उप मंडियों की स्थापना पर कार्य किया जा रहा है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।