जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक के तत्वावधान में मंगलवार को न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को जागरूक किया
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →भास्कर न्यूज | टोंक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक के तत्वावधान में मंगलवार को न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उन्हें बाल अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने, बाल तस्करी, बाल श्रम, जबरन भिक्षावृत्ति और बच्चों के विभिन्न प्रकार के शोषण से बचाव की जानकारी दी।
ट्रांसफार्मेटिव टयूज़डे विधिक साक्षरता व संवेदीकरण कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में आयोजित किए विधिक जागरूकता शिविर बच्चों को जागरुक किया। जिला व सेशन न्यायाधीश (प्राधिकरण अध्यक्ष) डॉ.
सीमा अग्रवाल ने सेंट सोल्जर पब्लिक स्कूल, टोंक में विद्यार्थियों को संबोधित कर कहा कि अनजान व्यक्ति का जरूरत से ज्यादा पूछताछ करना, बिना कारण महंगे उपहार देना, झूठा परिचय देना, किसी अनजान स्थान पर चलने के लिए कहना या संदिग्ध वाहन का पीछा करना खतरे का संकेत हो सकता है।
ऐसी स्थिति में तत्काल माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय वयस्क को जानकारी दें। प्राधिकरण सचिव (एडीजे) दिनेश कुमार जलुथरिया ने कहा कि बच्चों को अनजान लोगों पर आसानी से भरोसा नहीं करना चाहिए। संदिग्ध परिस्थिति में अकेले रहने के बजाय सुरक्षित और भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाएं।
विद्यार्थियों को ऐसी किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों को संकट की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और निशुल्क विधिक सहायता के लिए नालसा हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।
जजों ने इन स्कूलों में किया संवाद संवाद कार्यक्रम के तहत विशिष्ट न्यायाधीश (फैमिली कोर्ट) मधुसूदन शर्मा ने चिरोंज, पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश प्रदीप कुमार वर्मा ने मोलाईपुरा, एमएसीटी न्यायालय के न्यायाधीश अटल सिंह चंपावत, विशिष्ट न्यायाधीश एससी-एसटी प्रकरण आरती माहेश्वरी, एडीजे स्वाति व्यास ने अलग-अलग निजी स्कूलो, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज फौजदार ने राउमावि, अमीनपुरा में, एसीजेएम गजपाल सिंह ने राउमावि, पालड़ा, एसीजेएम आशिमा माथुर व न्यायिक मजिस्ट्रेट तनिषा मेहरा ने अलग-अलग प्राईवेट स्कूलों में विद्यार्थियों से संवाद कर विधिक जागरूकता प्रदान की।
📡 स्रोत: NewsData.io