जिले में पहली बार 118 हेक्टेयर में ऑयल पाम की खेती
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भास्कर न्यूज | बालोद खाद्य तेलों के लिए आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाकर जिले के 118 किसान पहली बार 157 हेक्टेयर में ऑयल पाम की खेती कर रहे हैं। जिसकी पुष्टि शनिवार को उद्यानिकी विभाग ने किया है। विभाग के अनुसार जिले में वर्ष 2025 से ऑयल पाम खेती की शुरुआत हुई है। किसानों ने एक एकड़ खेत में ऑयल पाम की 57 और एक हेक्टेयर में 143 पौधे लगाया है।
9 मीटर के अंतराल में एक पौधा लगाना है। किसानांे को पौधे अनुदान के तहत निशुल्क देने के लिए छग शासन उद्यानिकी विभाग व संबंधित एजेंसी के बीच समझौता हुआ है। पौधे लगाने के तीन साल बाद उत्पादन होगा। छिंद प्रजाति पीला रंग का बड़ा बीज निकलेगा। एक बंच में 20 से 50 किलो रहता है। 5 एकड़ मंे ऑयल पाम खेती करने पर 50 हजार बोरवेल का अनुदान मिलेगा।
खेत का तार घेरा करने पर एक हेक्टेयर में 54 हजार रुपए अनुदान मिलेगा। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक डिकलेश कुमार कुंवर ने बताया कि एक हेक्टेयर में ड्रिप सिंचाई के लिए केंद्र सरकार से 14 हजार 130 रुपए और राज्य शासन से 8 हजार 625 रुपए कुल 22 हजार 755 रुपए मिलेगा। एक किलो ऑयल पाम की कीमत वर्तमान में 19.50 रुपए है।
एक एकड़ में 5-6 टन (5-6 हजार क्विंटल) अनुमानित उत्पादन हो सकता है। खेती को बढ़ावा देने योजना लागू की गई खाद्य तेलों के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय में दीर्घकालिक बढ़ोतरी के लिए ‘नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम’ योजना लागू की गई है ताकि खेती को बढ़ावा मिल सकें।
किसानों का रुझान इस व्यवसायिक फसल की ओर बढ़ रहा है। उद्यानिकी विभाग की ओर से सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। किसानों को पारंपरिक फसलों से हटकर पाम रोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
📡 स्रोत: NewsData.io