5 जिलों के छात्रों का भविष्य, कक्षाओं में जगह नहीं, तीन साल बाद भी अधूरा सपना, एक कमरे में चल रहीं दो कक्षाएं

खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय को अस्तित्व में आए करीब तीन साल हो चुके हैं. नाम बड़ा है मकसद उससे भी बड़ा. आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को बेहतर और उच्च शिक्षा का मजबूत केंद्र उपलब्ध कराना. लेकिन करीब तीन साल बाद भी विश्वविद्यालय अपने स्थायी भवन के लिए इंतजार कर रहा है.
हालात ये हैं कि अस्थायी भवन में एक ही कमरे में पर्दा लगाकर दो-दो कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब विश्वविद्यालय की स्थापना को तीन साल हो चुके हैं, तो आखिर सुविधाओं का विस्तार कब होगा?
📡 स्रोत: News18 Hindi MP