जिनपिंग के सामने गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, भारत से मांगा सिंधु का पानी! कहा- ‘पानी को हथियार न बनाएं’
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Sindhu Jal Samjhauta: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के बिश्केक शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने का मुद्दा उठाया.
उन्होंने मंच से कहा कि पानी किसी भी क्षेत्र की जीवन-रेखा है और इसका उपयोग कभी भी राजनीतिक दबाव बनाने या हथियार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए. भारत ने पहलगाम हमले में सिंधु जल संधि को किया था स्थागित भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कूटनीतिक दंडात्मक कार्रवाई के तहत सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था.
इस फैसले के खिलाफ पाकिस्तान ने हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता अदालत (PCA) का रुख किया. हालांकि अदालत ने भारत के फैसले को रद्द करने का आदेश दिया, लेकिन नई दिल्ली ने इसे सिरे से खारिज कर दिया.
भारत का स्पष्ट रूप से कहना है कि इस गैर-कानूनी तरीके से गठित संस्था को उसके संप्रभु निर्णयों पर बोलने या दखल देने का कोई अधिकार नहीं है.
ये भी पढ़ें: अमेरिका ईरान में फिर जंग शुरू, सिरिक इलाके में शादी में बम गिरने से 5 की मौत, IRGC ने जॉर्डन US कैंप पर बरसाईं बैलिस्टिक मिसाइलें ग्लोबल मंच पर गिड़गिड़ाता पाकिस्तान बिश्केक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोआन की मौजूदगी में शहबाज शरीफ अंतरराष्ट्रीय संधियों के पालन की दुहाई देते नजर आए.
उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि साझा जल संसाधनों को नियंत्रित करने वाली संधियां गंभीर और बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं होती हैं.
उनका तर्क था कि इन्हें राजनीतिक सुविधा का मामला समझकर अपनी मर्जी से दरकिनार नहीं किया जा सकता और क्षेत्रीय शांति के लिए इन संधियों का बिना किसी शर्त के पालन किया जाना चाहिए. .ये भी पढ़ें: Breaking News Today Live Updates: मुरादाबाद में हादसे का शिकार हुई नेपाली तीर्थयात्रियों की बस, 35 से ज्यादा लोग घायल, 8 की हालत गंभीर भारत की तरफ से नहीं दिखाई जाएगी कोई नरमी एक तरफ पाकिस्तान आतंकवाद को पूरे क्षेत्र के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत की सख्त कार्रवाई से उसकी बौखलाहट भी साफ नजर आ रही है.
सम्मेलन के दौरान शरीफ ने ईरान, कजाकिस्तान और ताजिकिस्तान समेत कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी अनौपचारिक मुलाकातें कीं. गौरतलब है कि पाकिस्तान 2026-27 के लिए SCO की राष्ट्राध्यक्ष परिषद की अध्यक्षता संभालने वाला है और अगले साल होने वाले शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस्लामाबाद करेगा.
इसके बावजूद, भारत की तरफ से यह संदेश बिल्कुल साफ है कि जब तक सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद बंद नहीं होगा, तब तक ऐसी संधियों पर कोई नरमी नहीं दिखाई जाएगी. ये भी पढ़ें: नेपाल में मौतों का आंकड़ा 1100 के करीब, भोटेकोशी बाढ़ से 16 लाख लोग हुए प्रभावित, 4 हजार अभी भी लापता
📡 स्रोत: NewsData.io