राजनीति

JNU यौन उत्पीड़न मामले को लेकर BJP सांसदों ने ओम बिरला को सौंपा पत्र

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
JNU यौन उत्पीड़न मामले को लेकर BJP सांसदों ने ओम बिरला को सौंपा पत्र

अक्टूबर 15, नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। बीजेपी की महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा और मामले में कार्रवाई की मांग की।

पत्र में दावा किया गया है कि जेएनयू की 11 छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच के बाद प्रशासन ने 9 अक्टूबर 2026 को अकोइजम को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया था। पत्र में मामले में एफआईआर दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया है।

बीजेपी सांसदों ने कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला सम्मान और सुरक्षा की बात करने वाली पार्टी को अपने सांसद के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने इस मामले को महिला सुरक्षा, छात्राओं की गरिमा और जनप्रतिनिधियों की नैतिक जवाबदेही से जुड़ा बताया।

वहीं, अकोइजम ने अपनी बर्खास्तगी पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई को अनुचित बताया है। मामले में पुलिस जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम कानूनी फैसला आना बाकी है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर कार्रवाई की मांग बढ़ रही है। इस विषय में बीजेपी की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने त्वरित जांच और कानूनी कार्रवाई का आग्रह किया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शैक्षणिक संस्थानों में लैंगिक सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और राजनीतिक हस्तक्षेप को दर्शाती है। यदि जांच में ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो इससे विश्वविद्यालयों में सुरक्षा नी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।