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जोबनेर में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर कार्यशाला

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जोबनेर में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर कार्यशाला

पॉश अधिनियम, शिकायत प्रक्रिया और आत्मरक्षा के साथ योग व मानसिक स्वास्थ्य को लेकर दी जानकारी

जोबनेर, 8 अक्टूबर। श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष अधिनियम, 2013 यानी पॉश अधिनियम के प्रति जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महिलाओं की सुरक्षा, शिकायत प्रक्रिया, आत्मरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं संकाय अध्यक्ष डॉ. एल. आर. यादव ने बताया कि लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की असहज परिस्थिति का सामना होने पर महिलाएं घबराने के बजाय संबंधित समिति से संपर्क कर सकती हैं।

महाविद्यालय की लैंगिक उत्पीड़न निवारण समिति की संयोजक एवं कार्यक्रम आयोजक डॉ. किरण गौड़ ने POSH अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, शिकायत प्रक्रिया और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और उनके संरक्षण से जुड़े कानूनों के बारे में भी विस्तार से बताया।

संयोगिता जनहित संस्थान एवं जे. एस. सी. सीनियर सेकेंडरी महाविद्यालय, जोबनेर के निदेशक और योग गुरु महेश कुमार कुमावत ने शारीरिक स्वास्थ्य एवं योग के महत्व पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सही तरीके से उठने, बैठने, सोने और श्वास लेने की विधियों की जानकारी देते हुए मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के उपाय बताए। छात्राओं को आत्मरक्षा से जुड़ी विधाओं का प्रशिक्षण भी दिया गया तथा विषम परिस्थितियों से बचने और ऐसी स्थिति में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों की जानकारी दी।

छात्र कल्याण सहायक निदेशक डॉ. गजानन्द जाट ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए सरकारी नियमों और उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। वहीं, विश्वविद्यालय की लैंगिक उत्पीड़न निवारण समिति के संयोजक डॉ. रोशन चौधरी ने छात्राओं को आत्मरक्षा के साथ शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने तथा जटिल परिस्थितियों में अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रतिभा मनोहर ने विशिष्ट अतिथि महेश कुमार कुमावत को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उनके समय और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला में डॉ. बी. एल. दुधवाल, डॉ. बी. एस. चंद्रावत, डॉ. एस. एल. शर्मा, डॉ. सुमन चौधरी, डॉ. सुभिता कुमावत सहित महाविद्यालय के करीब 200 विद्यार्थी मौजूद रहे।

बी.एससी. द्वितीय वर्ष की छात्रा रिंकू ने कार्यक्रम का मंच संचालन किया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।