जोधपुर रेलवे स्टेशन का राजस्थानी शैली में होगा कायाकल्प, 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य
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महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने पुनर्विकास कार्यों का लिया जायजा, 469.20 करोड़ के शेष कार्यों के लिए नई एजेंसी की प्रक्रिया जारी;,स्टेशन पर 38 लिफ्ट और 19 एस्केलेटर की मिलेगी सुविधा
जोधपुर, 9 अक्टूबर। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने शुक्रवार को जोधपुर का दौरा कर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य और भगत की कोठी स्थित वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन स्टेशन भवन का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से कार्यों की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
दौरे के दौरान जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी सहित रेलवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जोधपुर रेलवे स्टेशन को पारंपरिक राजस्थानी स्थापत्य शैली के अनुरूप आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। पुनर्विकास योजना में यात्रियों की आवाजाही, ठहरने की सुविधा और आवागमन को सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
स्टेशन को इस तरह विकसित करने की योजना है, जिससे बढ़ती यात्री संख्या के अनुरूप भविष्य की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके।
महाप्रबंधक ने बताया कि पुरानी कार्यदायी एजेंसी की ओर से कार्य में देरी के कारण 29 मई 2026 को उसका अनुबंध निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद शेष 469.20 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए नया टेंडर आमंत्रित किया गया है। फिलहाल टेंडर की तकनीकी जांच की जा रही है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 10 दिसंबर 2026 तक लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) जारी किए जाने की संभावना है। परियोजना की संशोधित पूर्णता तिथि 30 जून 2029 निर्धारित की गई है।
जोधपुर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना की मूल लागत 493.49 करोड़ रुपये है। परियोजना के तहत वर्ष 2060 तक प्रतिदिन 92,043 यात्रियों की क्षमता के अनुरूप स्टेशन का विकास किया जाएगा। इसके लिए मुख्य प्रवेश भवन का क्षेत्रफल बढ़ाकर 18,189 वर्गमीटर और सेकंड एंट्री भवन का क्षेत्रफल 9,181 वर्गमीटर किया जा रहा है।
पुनर्विकसित स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए सात फुट ओवरब्रिज (एफओबी), 38 लिफ्ट और 19 एस्केलेटर की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त 685 कारों की पार्किंग और 4,162 वर्गमीटर का वेटिंग एरिया विकसित किया जाएगा। इन सुविधाओं से यात्रियों को स्टेशन परिसर में आवागमन, प्रतीक्षा और वाहन पार्किंग में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
दौरे के दौरान महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने भगत की कोठी स्थित वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डिपो में चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए बताया कि 20 कोच वाली ट्रेन के रखरखाव की क्षमता वाले डिपो का पहला चरण पूरा हो चुका है। दूसरे चरण का कार्य वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डिपो के पूर्ण विकास से वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव संबंधी सुविधाओं को और विस्तार मिलेगा।
बाइट : पंकज शर्मा, महाप्रबंधक, उत्तर पश्चिम रेलवे।