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JSSC-CGL विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का हमला, बोले- प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच CBI से हो

लेखक: DD Ranchi अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
JSSC-CGL विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का हमला, बोले- प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच CBI से हो

Relevance: PRIORITY Slug: RAGHUBAR ON STATE Title: JSSC-CGL विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का हमला, बोले- प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच CBI से हो Synopsis: JSSC-CGL और JPSC विवाद पर रघुवर दास ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना, कहा- परीक्षाओं की अनियमितता की CBI जांच हो और दोषी-निर्दोष में अंतर किया जाए।

Category: Government , Manpower , Planning , Student , Youth , Politics , Protest Deadline: 19 AUGUST , RANCHI 19 अगस्त, रांची: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने JSSC-CGL और JPSC परीक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के साथ धोखेबाजी बंद करे और प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जांच CBI से कराए। रघुवर दास ने कहा कि उनके कार्यकाल में हुई परीक्षाओं में किसी छात्र ने बड़े पैमाने पर धांधली या भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं की थी।

उन्होंने छठी JPSC परीक्षा में हिंदी और अंग्रेजी के अंकों को जोड़ने के तकनीकी विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सीट बेचने या बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे थे।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को वर्ष 2014 से संबंधित गड़बड़ियों की शिकायत थी, तो 2019 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने जांच क्यों नहीं कराई। रघुवर दास ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC PT और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना तथा पूरे मामले की CBI जांच शामिल है।

उन्होंने JSSC-CGL मामले में CID की जांच पर भी सवाल उठाए। रघुवर दास ने कहा कि एक ओर छात्रों की शिकायतों की जांच जरूरी है, वहीं दूसरी ओर CID की जांच में JSSC-CGL को क्लीन चिट दिए जाने से जांच एजेंसी भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए CBI को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

JSSC-CGL नियुक्तियों को लेकर रघुवर दास ने कहा कि पूरी नियुक्ति रद्द करने के बजाय पहले व्यापक जांच होनी चाहिए और योग्य अभ्यर्थियों तथा कथित रूप से दागदार अभ्यर्थियों के बीच अंतर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरी नियुक्ति रद्द करना अंतिम विकल्प होना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ के दौरान हुई मौतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि वे मृत अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग क्यों नहीं कर रहे हैं।

रघुवर दास ने राज्य सरकार से मृत 19 आदिवासी और मूलवासी अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने दोहराया कि JPSC PT और JSSC-CGL से जुड़ी सभी शिकायतों की जांच CBI से कराई जाए, ताकि दोषियों की पहचान कर कार्रवाई हो सके और निर्दोष अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

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DD Ranchi

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