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जुलूस की समीक्षा एवं सुधारात्मक बैठक संपन्न, DJ, आतिशबाजी वगैरह पे लगेगी पाबंदी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जुलूस की समीक्षा एवं सुधारात्मक बैठक संपन्न, DJ, आतिशबाजी वगैरह पे लगेगी पाबंदी

मदरसा निज़ामिया, ग्वालियर के तत्वावधान में आज शहर के जिम्मेदार हज़रात की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें हाल ही में निकाले गए जुलूस की समीक्षा की गई। जुलूस के दौरान सामने आई विभिन्न बातों और खुराफ़ात पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आइंदा जुलूस को और बेहतर एवं व्यवस्थित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि DJ के इस्तेमाल से जुलूस की मर्यादा एवं गरिमा प्रभावित होती है, लिहाज़ा आइंदा जुलूस में DJ नहीं लाया जाएगा।

इसी तरह जुलूस के समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि शहर के तमाम जुलूस निर्धारित समय के आसपास एक साथ निकलें और ज़ोहर की नमाज़ के वक्त इलाक़े की मसाजिद जुलूस में शामिल लोगों से आबाद हों। बैठक में यह भी तय किया गया कि आतिशबाज़ी नहीं की जाएगी और जुलूस को किसी तरह की प्रतियोगिता या मुकाबले का रूप नहीं दिया जाएगा।

सजावट, आवाज़ या अन्य किसी मामले में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश से भी परहेज़ किया जाएगा। इसके अलावा जुलूस में अनुशासन, सादगी, मर्यादा और आपसी भाईचारे को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। जुलूस में शामिल सभी लोगों से अपील की जाएगी कि वे तय किए गए नियमों का पालन करें और जुलूस की गरिमा को बनाए रखने में सहयोग करें।

बैठक में मौजूद सभी हज़रात ने आइंदा इन तमाम खुराफ़ात एवं गैर-मुनासिब गतिविधियों से बचने का अहद किया तथा आने वाले जुलूसों को पहले से बेहतर, व्यवस्थित और मिसाली बनाने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने पर सहमति जताई।

बैठक का संदेश स्पष्ट है—जुलूस सादगी, अनुशासन, इबादत, भाईचारे और अच्छे अख़लाक का प्रतीक बने; दिखावे और गैर-मुनासिब गतिविधियों का माध्यम नहीं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

ग्वालियर के मदरसा निज़ामिया द्वारा आयोजित बैठक में हाल के जुलूस की समीक्षा की गई और DJ, आतिशबाजी आदि पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय लिए गए। यह कदम शहर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मर्यादा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। जनता के लिए इसका असर यह होगा कि जुलूस में अब संगीत और रोशनी से जुड़ी अनावश्यक खुराफ़ात घटेगी, जिससे कार्यक्रम अधिक शालीन और सुरक्षित बनेगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।