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ज्योलिकोट में दूषित पेयजल की घटना को लेकर मुख्य सचिव ने जताई नाराज़गी, पेयजल योजनाओं के भौतिक सत्यापन के निर्देश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ज्योलिकोट में दूषित पेयजल की घटना को लेकर मुख्य सचिव ने जताई नाराज़गी, पेयजल योजनाओं के भौतिक सत्यापन के निर्देश

24 सितम्बर 2026, देहरादून: नैनीताल के ज्योलिकोट में दूषित पेयजल की घटना को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मामले में संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई और पेयजल की गुणवत्ता तथा जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में व्यापक फील्ड नेटवर्क होने के बावजूद घटना की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। उन्होंने शिक्षक, पटवारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और ट्यूबवेल ऑपरेटर सहित फील्ड कर्मचारियों के नेटवर्क का प्रभावी उपयोग करते हुए सूचना और फीडबैक व्यवस्था मजबूत करने को कहा।

उन्होंने प्रदेश की प्रमुख पेयजल योजनाओं की जियो मैपिंग और भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। अगले 15 दिनों में इन योजनाओं के स्रोत, स्टोरेज, पाइपलाइन, सीवर लाइन और क्रॉसिंग प्वाइंट्स की जांच की जाएगी। संभावित लीकेज के साथ स्टोरेज टैंकों की सफाई, क्लोरीनेशन और पानी की गुणवत्ता से जुड़े जरूरी मानकों की भी जांच की जाएगी।

मुख्य सचिव ने पेयजल और सीवरेज लाइनों की जांच के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिय- एसओपी तैयार कर उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रमुख पेयजल परियोजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए।

इस बीच, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रमुख शहरों में नियमित पेयजल गुणवत्ता जांच कराने और सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का अचानक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग को दूषित पेयजल की सूचना मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य टीम भेजने और अगले 15 दिनों में प्रदेशभर में आवश्यक स्वास्थ्य निगरानी एवं जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर सूचना और फीडबैक के लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना होने पर प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर विभागाध्यक्षों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय की जाएगी।

संलग्न- फोटो (आनंद बर्द्धन, मुख्य सचिव)

कैप्शन- ज्योलिकोट में दूषित पेयजल की घटना को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जताई नाराज़गी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।