'कभी बर्फ से हुई थी व्यापार की शुरुआत...', भारत-US संबंधों पर बोले एस. जयशंकर
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भारत के विदेश मंत्री एस.
जयशंकर ने कहा है कि "बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत और अमेरिका के संबंधों को और मजबूत करने के लिए साझा हितों का विस्तार करना जरूरी है.
उन्होंने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी की नई संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता मजबूत करने में दोनों देशों का साझा हित है."
मुंबई में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उनकी पत्नी, अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया.
अमेरिका के साथ संबंध में मुंबई कि अहम भूमिका
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका की साझेदारी पिछले कुछ दशकों में लगातार विस्तारित हुई है और इसमें नए आयाम जुड़े हैं.
विदेश मंत्री ने कहा कि मुंबई भारत की वित्तीय राजधानी होने के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, सिनेमा, खेल, संस्कृति, मीडिया और संगीत का भी प्रमुख केंद्र है.
यह एक महानगरीय शहर है, जो दुनिया के लिए भारत का प्रवेश द्वार है और अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर भी इसकी विशेष भूमिका है.
ऐसे में अमेरिकी स्वतंत्रता की वर्षगांठ का मुंबई में मनाया जाना विशेष महत्व रखता है.
अमेरिका से बर्फ के व्यापार से हुई थी शुरुआत
जयशंकर ने भारत और अमेरिका के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुंबई और अमेरिका के बीच संपर्क की शुरुआत कभी बर्फ के व्यापार से हुई थी.
आज यह संबंध वित्तीय, वाणिज्यिक और प्रौद्योगिकी सहयोग के केंद्र में है.
उन्होंने स्वामी विवेकानंद की शिकागो यात्रा, लियोन एबी के मुंबई में जैज संगीत लाने और जनरल इलेक्ट्रिक के रिएक्टरों के माध्यम से शहर की ऊर्जा जरूरतों में योगदान जैसे उदाहरणों का जिक्र किया.
उन्होंने यह भी बताया कि स्टारबक्स ने भारत में अपना पहला आउटलेट मुंबई में खोला था.
आजादी के
📡 स्रोत: ABP Live