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कच्ची शराब के खिलाफ महिलाओं का फूटा गुस्सा: धंधा करने वाले के घर धावा, 7 डिब्बे शराब बाहर निकालकर नष्ट की, देखें वीडियो

लेखक: Kuldeep Sharma अंतिम अपडेट: 9 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

साजौर गांव में महिलाओं ने लाठियां लेकर खोला मोर्चा, शराब कारोबारी के विरोध पर भागकर बचाई जान; बोलीं- मजदूरी की कमाई शराब में उड़ा रहे परिवार, अब नहीं होने देंगे कारोबार

शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र में कच्ची शराब के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बघरा साजौर गांव की महिलाओं की टोली ने सरपंच पुत्र रोहित लोधी दुर्ग सिंह लोधी और सोनू निगंम की मौजूदगी में गांव से करीब दो किलोमीटर दूर घर बनाकर कथित रूप से कच्ची शराब का कारोबार करने वाले इमरथ पाल के घर पर धावा बोल दिया। महिलाओं ने घर में रखी कच्ची शराब से भरे 7 डिब्बे बाहर निकाले और शराब को नष्ट कर दिया।

महिलाओं का आरोप है कि इमरथ पाल काफी समय से गांव से दूर रहकर घर में ही कच्ची शराब तैयार कर बेचने का काम कर रहा था। गांव के लोग शराब खरीदकर उसका सेवन करते हैं, जिसके बाद घरों में विवाद और घरेलू कलह की स्थिति बनती है। महिलाओं का कहना है कि शराब की लत के कारण कई परिवारों की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ रही है। मजदूरी से कमाए पैसे घर का खर्च चलाने के बजाय शराब में खर्च कर दिए जाते हैं। नशे के आदी लोग खेती-बाड़ी और मजदूरी तक का काम छोड़ने लगे हैं।

महिलाओं के मुताबिक जब उनकी टोली शराब कारोबारी के घर पहुंची और शराब नष्ट करने का विरोध किया गया तो मामला विवाद तक पहुंच गया। महिलाओं का आरोप है कि इमरथ पाल पहले उनके साथ मारपीट करने पर उतारू हो गया। इसके बाद महिलाओं ने लाठियां उठा लीं।

महिलाओं के आक्रोश को देखकर शराब का कारोबार करने वाला व्यक्ति घर से भाग गया। इसके बाद महिलाओं ने घर में रखे कच्ची शराब से भरे 7 डिब्बे बाहर निकाले और शराब को नष्ट कर दिया।

इस कार्रवाई में शामिल साजौर की महिला गुड्डी ने बताया कि कच्ची शराब के सेवन के कारण वह पहले ही अपना एक बेटा खो चुकी है। अब उसका एक ही बेटा बचा है और वह उसे भी शराब की लत के कारण खोना नहीं चाहती। गुड्डी का कहना है कि गांव में कच्ची शराब का कारोबार बंद होना चाहिए, क्योंकि इसका सबसे ज्यादा असर परिवारों और महिलाओं पर पड़ रहा है।

गौरतलब है कि सागर जिले में शराब के खिलाफ महिलाओं द्वारा की गई कार्रवाई के बाद शिवपुरी जिले में भी महिलाओं का आक्रोश दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ दिनों में महिलाएं शराब दुकानों और कच्ची शराब का कारोबार करने वालों के खिलाफ खुलकर सामने आ रही हैं।

महिलाएं खुद मौके पर पहुंचकर शराब को नष्ट कर रही हैं। साजौर की घटना में भी महिलाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि गांव में कच्ची शराब का कारोबार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाओं का कहना है कि शराब की वजह से परिवार बर्बाद हो रहे हैं, मजदूरी की कमाई नशे में जा रही है और घरेलू विवाद बढ़ रहे हैं। इसी कारण अब वे शराब बेचने वालों के खिलाफ खुद मोर्चा खोल रही हैं।हालांकि, इस तरह की कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का जोखिम भी बना रहता है।

अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस और आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है। महिलाओं ने प्रशासन से भी गांवों में चल रहे कच्ची शराब के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

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Kuldeep Sharma

कुलदीप शर्मा पिछोर, शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं