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कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं MP की इंजीनियर लापता:चीन-तिब्बत बॉर्डर पर टूटा संपर्क; रिटायर्ड CMHO बोले- बेटी कॉल रिसीव नहीं कर रही

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं MP की इंजीनियर लापता:चीन-तिब्बत बॉर्डर पर टूटा संपर्क; रिटायर्ड CMHO बोले- बेटी कॉल रिसीव नहीं कर रही

मध्य प्रदेश के विदिशा की रहने वाली और कनाडा के टोरंटो में रह रहीं इंजीनियर स्वाती बागरेचा कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान चीन-तिब्बत सीमा के पास से लापता हो गई हैं। 26 अगस्त की सुबह 9 बजे परिवार से संपर्क टूट गया। स्वाती के मोबाइल पर अभी भी रिंग जा रही है, लेकिन वह कॉल रिसीव नहीं कर रही हैं।

परिवार का कहना- नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ के दिन से ही लापता है। मोबाइल की लोकेशन चीन बॉर्डर के आसपास आ रही है। परिजन ने संबंधित एजेंसियों से मोबाइल लोकेशन तकनीकी रूप से ट्रैक कर स्वाती की सही स्थिति का पता लगाने की मांग की है। स्वाती रिटायर्ड CMHO डॉ. केसी बागरेचा की बेटी हैं।

उनके लापता होने की जानकारी मिलने के बाद विदिशा विधायक मुकेश टंडन शुक्रवार को उनके परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और स्वाती की तलाश में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

ये तस्वीरें देखिए… 77 यात्रियों के समूह के साथ 8 अगस्त को निकली थीं परिजनों के अनुसार, स्वाती 8 अगस्त को सद्गुरु फाउंडेशन/ईशा फाउंडेशन के 77 यात्रियों के समूह के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकली थीं। करीब दो सप्ताह की यात्रा के दौरान वह 14 अगस्त को काठमांडू पहुंचीं और वहां दो दिन रुकीं।

इसके बाद समूह चीन के क्षेत्र में दाखिल हुआ। अलग-अलग पड़ावों से होते हुए मानसरोवर पहुंचा। समूह ने मानसरोवर में दो दिन प्रवास किया। स्वाती ने मानसरोवर की परिक्रमा नहीं की थी। अंतिम पड़ाव से करीब 100 किमी दूर मेडिटेशन के लिए पहुंचा था समूह परिजन के मुताबिक, वापसी के दौरान यात्रियों का समूह कई स्थानों पर रुका।

यात्रा का अंतिम पड़ाव सागर टाउन बताया गया है। इससे करीब 100 किलोमीटर दूर समूह मेडिटेशन के लिए पहुंचा था। इसी दौरान बुधवार सुबह करीब 9 बजे चीन-तिब्बत बॉर्डर के पास स्वाती के बारे में आखिरी जानकारी परिवार को मिली। इसके बाद से उनका संपर्क नहीं हो पाया है। यात्रा शुरू होने के बाद से स्वाती लगातार परिवार के संपर्क में थीं।

वह अलग-अलग पड़ावों से अपनी जानकारी देती रही थीं। आखिरी बार उन्होंने व्हाट्सएप मैसेज के जरिए परिवार को जानकारी दी थी। मोबाइल की लोकेशन चीन बॉर्डर के आसपास परिजन के मुताबिक, स्वाती के मोबाइल पर फोन करने पर अभी भी रिंग जा रही है, लेकिन वह कॉल रिसीव नहीं कर रही हैं। परिवार को मिली जानकारी के अनुसार, मोबाइल क

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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