कैंसर मरीजों को बड़ी राहत, 9 नवंबर से सस्ती होंगी कई जरूरी दवाएं
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कैंसर के इलाज पर होने वाले खर्च को कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने कैंसर की दवाओं के 543 ब्रांडों की कीमतों में संशोधन किया है। इसके बाद 9 नवंबर से देशभर में कई जरूरी कैंसर दवाएं सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगी। कुछ दवाओं की कीमतों में 80 से 90 फीसदी तक कमी होने की जानकारी सामने आई है। सरकार के इस फैसले से मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। आमजन ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।
जयपुर,29 अक्टूबर। कैंसर के इलाज के दौरान दवाओं पर होने वाला खर्च अब मरीजों और उनके परिजनों के लिए कुछ हद तक कम हो सकता है। केंद्र सरकार के फैसले के बाद 9 नवंबर से देशभर में कैंसर की कई जरूरी दवाएं पहले के मुकाबले सस्ती हो जाएंगी। इस फैसले से लंबे समय तक इलाज कराने वाले मरीजों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी यानी एनपीपीए ने कैंसर की दवाओं के 543 ब्रांडों की कीमतों में संशोधन किया है। इसके तहत कई दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती की गई है। जानकारी के मुताबिक, कुछ कैंसर दवाएं 80 से 90 फीसदी तक सस्ती हुई हैं। इससे कैंसर के इलाज पर होने वाले खर्च का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसके इलाज में कई बार मरीजों को लंबे समय तक दवाएं लेनी पड़ती हैं। ऐसे में दवाओं की कीमतों में कमी आने से मरीजों के साथ उनके परिवारों को भी राहत मिल सकती है। खासतौर पर उन परिवारों के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है, जिनके लिए इलाज का खर्च उठाना आर्थिक चुनौती बन जाता है।
सरकार के इस फैसले का आमजन ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की कीमतें कम होने से मरीजों को मदद मिलेगी और इलाज जारी रखना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है।
Hold Byte: डॉ. संदीप जसुजा, अधीक्षक, राज्य कैंसर रोग निदान अस्पताल, जयपुर
अनिल, आमजन रविन्द्र शर्मा, कैंसर रोगी परिजन
💡 पृष्ठभूमि (Background)
कैंसर दवाओं की कीमतें घटाने का निर्णय सरकार ने नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी के माध्यम से लिया है। इस कदम से 543 ब्रांडों की दवाओं में 80-90% तक की कमी की उम्मीद है, जो 9 नवंबर से लागू होगी। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कैंसर उपचार का खर्च अक्सर परिवारों पर भारी बोझ बन जाता है। दवाओं की सस्ती कीमतें मरीजों के लिए इलाज का विकल्प आसान बना देंगी और आर्थिक दबाव कम करेंगी। सामान्य जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ साथ आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी, जिससे रोगियों के उपचार में निरंतरता बन