भोपाल

कलेक्टर के औचक निरीक्षण से आबकारी कार्यालय में हड़कंप, रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं की हुई जांच

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कलेक्टर के औचक निरीक्षण से आबकारी कार्यालय में हड़कंप, रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं की हुई जांच

भोपाल। जिला आबकारी कार्यालय में बुधवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने अचानक कार्यालय पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के अचानक पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में भी सक्रियता बढ़ गई।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों, लंबित प्रकरणों और विभागीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान विभिन्न रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ बिंदुओं पर अनियमितताएं मिलने की बात भी कही जा रही है।

औचक निरीक्षण के दौरान कार्यालय में उपलब्ध रिकॉर्ड और विभागीय व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा गया। निरीक्षण का उद्देश्य विभागीय कामकाज की वास्तविक स्थिति, रिकॉर्ड के संधारण और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करना बताया जा रहा है।

हालांकि, निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं का स्वरूप क्या था और क्या किसी अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी, इसे लेकर प्रशासन की ओर से अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

कलेक्टर के अचानक निरीक्षण के बाद आबकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली और विभागीय रिकॉर्ड को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब प्रशासन की विस्तृत जांच या कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।