कल्कि भगवान के अवतरण का संदेश, सतयुग की स्थापना का मार्ग प्रशस्त
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स्वामी धनानंद महाराज ने बताया—कर्म, धर्म, सत्य और प्रार्थना से होगा जनकल्याण
भोपाल। स्वामी धनानंद महाराज ने कल्कि भगवान के अवतरण, कलियुग के अंत और सतयुग के प्रारंभ को लेकर अपना आध्यात्मिक संदेश जनमानस के सामने रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कल्कि भगवान का जीव आत्मा में अवतरण हुआ है और आदिशक्ति जोत माँ के निर्देशन में जनकल्याण के लिए कर्म, धर्म और सत्य के मार्ग को अपनाने का संदेश दिया जा रहा है।
12 वर्षों से प्रज्ज्वलित है अखंड ज्योत
शंकरनगर, छोला स्थित गुरु देव ॐ आश्रम में प्रतिदिन भजन, पूजन और आरती का आयोजन होता है। आश्रम में लगभग 12 वर्षों से अखंड ज्योत निरंतर प्रज्ज्वलित है। श्रद्धालु यहां आध्यात्मिक साधना, प्रार्थना और धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं।
तीन वर्षों से आध्यात्मिक वार्ता का दावा
स्वामी धनानंद महाराज के अनुसार, आदिशक्ति जोत माँ से उनकी विगत तीन वर्षों से आध्यात्मिक वार्ता होती रही है, जिसका आलेख तारीख और समय सहित उपलब्ध है। उनका कहना है कि इन वार्ताओं से प्राप्त आध्यात्मिक ज्ञान को जनमानस तक पहुंचाना ही उनका उद्देश्य है, ताकि संत-महात्मा, देव पुरुष और धर्मप्रेमी जिज्ञासु इस तत्व दर्शन को समझ सकें।
उन्होंने कहा कि “प्रार्थना द्वारा कर्म, धर्म और सत्य का आचरण ही ईश्वर से होकर परमात्मा से मिलाता है।” उनका संदेश है कि मनुष्य आसुरी वृत्तियों से दूर रहकर सत्य, धर्म, कर्म और प्रार्थना को अपने जीवन का आधार बनाए।
आश्रम में आध्यात्मिक अनुभूतियों को श्रद्धालु बताते हैं चमत्कार
आश्रम से जुड़े श्रद्धालुओं के अनुसार यहां होने वाली आध्यात्मिक अनुभूतियों को वे साक्षात चमत्कार के रूप में देखते हैं। स्वामी धनानंद महाराज लोगों से शांति, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने तथा आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से जीवन को सफल बनाने का आह्वान करते हैं।